21 वरिष्ठ IAS अफसर बने अपर मुख्य सचिव, सीएम योगी की मुहर के बाद प्रमोशन के आदेश जारी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश शासन ने 1988 और 1989 बैच के यूपी कैडर के 21 आईएएस अफसरों को बुधवार को अपर मुख्य सचिव पद पर प्रोन्नति दे दी है। प्रमोट किए गए इन अफसरों को अब 2,25,000 रुपये वेतनमान मिलेगा। इनमें से 20 अफसर राज्य में और एक केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में आईएएस अफसरों को प्रोन्नति देने की सिफारिश पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद नियुक्ति विभाग ने प्रमोशन के आदेश भी जारी कर दिए।

अपर मुख्य सचिव पद पर प्रोन्नत होने वाले 1988 बैच के अफसरों में आलोक कुमार-प्रथम, डॉ. रजनीश दुबे, राजन शुक्ला, नवनीत सहगल, एमवीएस रामीरेड्डी, जूथिका पाटणकर, मनोज कुमार सिंह, टी. वेंकटेश, अरविंद कुमार और एस राधा चौहान शामिल हैं। वहीं 1989 बैच के अफसरों में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव शशि प्रकाश गोयल, देवेश चतुर्वेदी, मोनिका एस. गर्ग, आराधना शुक्ला, डिंपल वर्मा, प्रशांत त्रिवेदी, मनोज सिंह, अमित मोहन प्रसाद, सुरेश चंद्रा, संजय आर. भूसरेड्डी और अनिल कुमार-प्रथम हैं। केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर तैनाती के कारण जूथिका पाटणकर का प्रोफार्मा प्रमोशन किया गया है। अभी तक प्रदेश में 16 आईएएस अफसर अपर मुख्य सचिव पद पर तैनात थे। 1988 और 1989 बैच के अफसरों के प्रमोशन के बाद अब प्रदेश में कुल 36 अफसर इस पद पर तैनाती पा चुके हैं।

आईएएस अफसर 30 साल की सेवा के बाद अपर मुख्य सचिव पद पर प्रोन्नति के लिए पात्र होते हैं। प्रदेश में पिछली बार अपर मुख्य सचिव सचिव पद पर प्रोन्नति जनवरी 2018 में हुई थी जब 1986 और 1987 बैच के अफसर इस पद पर प्रमोट किए गए थे। अपर मुख्य सचिव के रिक्त पद न होने के कारण तब से इस पद पर अफसरों की प्रोन्नति नहीं हो पा रही थी। शासन ने 1988 और 1989 बैच के अफसरों को इस पद पर प्रमोट करने के लिए अपर मुख्य सचिव के 20 पद सृजित किए थे।

वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक : दोनों बैच के अफसरों को अपर मुख्य सचिव पद पर प्रोन्नति देने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई। बैठक में केंद्र सरकार की ओर से नामित चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्पेशल सेक्रेट्री अरुण सिंघल और राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन शामिल हुए।

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