लहसुन खाइए, इन बीमारियों को दूर भगाइए

डायबिटीज के मरीज या होंकोलेस्ट्रॉल बढ़ रहा हो , लहसुन का सेवन न सिर्फ सर्दियों बल्कि हर मौसम में बेहद फायदेमंद है। लहसुन के फायदे के बारे में आयुर्वेद के साथ-साथ अब एलोपैथिक विशेषज्ञ भी समझते हैं। यही वजह है कि चिकित्सक अक्सर डाइट में लहसुन के सेवन को फायदेमंद बताते हैं। आइए जानें क्या हैं लहसुन खाने के फायदे।

दिल की सेहत के लिए खाएं लहसुन
लहसुन खाने से न सिर्फ बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है ‌बल्कि आबपका दिल भी हमेशा फिट रहता है। इसमें ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर में गुड कॉलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाते हैं जिनसे बैड कोलेस्ट्रॉल को खत्म करने में आसानी होती है। हाइपरटेंशन और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को प्रतिदिन कम से कम लहसुन के दो जवे जरूर खाने चाहिए। इसमें मौजूद एलिसिन नामक तत्व हाई बीपी को सामान्य करने में मददगार है।

ब्लड क्लॉटिंग से बचाता है लहसुन
लहसुन का सेवन उन लोगों के लिए भी बहुत फायदेमंद हैं जिनका खून अधिक गाढ़ा होता है। यह ब्लड क्लॉटिंग को रोकता है, खून पतला करता है और रक्त प्रवाह सुचारू करता है।

कैंसर से लड़ने में मददगार है लहसुन
लहसुन शरीर की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाता है और कैंसर जैसे गंभीर रोग से लड़ने में शरीर की मदद करता है। चिकित्सिक पैनिक्रयाज, कोलोक्टोरल, ब्रेस्ट और प्रोस्टेट कैंसर में लहसुन के कच्चे जवे खाने की सलाह देते हैं।

संक्रमण से बचाता है लहसुन
लहसुन के सेवन से शरीर में टी-सेल्स, फैगोसाइट्स, लिंफोसाइट्स आदि प्रतिरोधी तत्व बढ़ते हैं और शरीर की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ जाती है। इससे किसी भी प्रकार के संक्रमण का प्रभाव शरीर को तुरंत नहीं होता।

ठंड से छुटकारे के लिए नैचुरल एंटीबायोटिक
कई शोधों में अब यह बात पूरी तरह प्रमाणित हो चुकी है कि ठंड के दिनों में लहसुन के सेवन से सर्दी नहीं लगती। ठंड के दिनों में गाजर, अदरक और लहसुन का जूस बनाकर पीने से शरीर को एंटीबायोटिक्स मिलते हैं और ठंड कम लगती है।

दांतों के दर्द में फायदेमंद
आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन लहसुन के सेवन से दांतों के दर्द में आराम मिलता है। लहसुन को लौंग के साथ पीसकर दांतों के दर्द वाले हिस्से पर लगाने से दर्द से तुरंत राहत मिलती है।

गर्भावस्था में फायदेमंद
गर्भावस्था के दौरान लहसुन का नियमित सेवन मां और शिशु, दोनों के स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है। यह गर्भ के भीतर शिशु के वजन को बढ़ाने में सहायक है।

लहसुन में कई छोटी-छोटी पुतियां होती हैं| इन पूतियों पर पतला खोल चढ़ा होता है| जब तक पूतियों पर यह खोल चढ़ा रहता है, तब तक यह खराब नहीं होतीं| लहसुन को अमृततुल्य बताया गया है क्योंकि इसमें काफी गुण होते हैं| यह शरीर में गरमी को बनाए रखता है, इसीलिए इसका प्रयोग शीतकाल में अधिक किया जाता है| यह चेहरे पर चमक बढ़ाता है| इसको खाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं| जो व्यक्ति नित्य इसका सेवन करते हैं, उनको शारीरिक व्याधियों से छुटकारा मिलता है| लहसुन उत्तेजक और चर्मदाहक होता है| यह अपना प्रभाव शरीर के सभी अंगों पर छोड़ता है| इसको खाने से शरीर में रक्त का शोधन होता है और चुस्ती-फुर्ती आती है|

लहसुन में सल्लीसिननामक तत्त्व पाया जाता है जिसकी गंध से कीटाणु मर जाते हैं| यह धमनियों में खून जमने नहीं देता| कहा जाता है कि यदि लहसुन का प्रयोग नियमित रूप से किया जाए तो व्यक्ति को बुढ़ापा जल्दी नहीं आता| लहसुन की तासीर गरम होती है, परन्तु खाने के थोड़ी देर बाद इससे निकलने वाली गरमी अपने आप शान्त हो जाती है| यह बुद्धिदाता, वहम को दूर करने वाला तथा जीवन को प्राण-तत्त्व प्रदान करने वाला है| इसके प्रमुख औषधीय उपयोग हम यहां प्रस्तुत कर रहे हैं –

पेट दर्द
लहसुन की एक पूती, दो चुटकी सोंठ, आधा चुटकी काला नमक और दो दाने हींग – सबको पीसकर सेवन करने से पेट दर्द रुक जाता है|

अजीर्ण
एक पूती लहसुन, दो दाने कालीमिर्च तथा दो चुटकी जीरा – सबकी चटनी बनाकर धीरे-धीरे खाने से अजीर्ण का रोग चला जाता है|

पेचिश (मरोड़)
दो पूती लहसुन, 3 ग्राम नीबू का रस, 5 ग्राम अदरक का रस, चार पत्तियां पुदीना, एक चुटकी काला नमक और दो कालीमिर्च – सबको पीसकर चार खुराक बनाएं| दिनभर में चार बार इसका सेवन करने से पेचिश दूर हो जाएगी|

संग्रहणी
एक चम्मच जीरा, दो पूती लहसुन तथा एक चुटकी काला नमक – तीनों को पीसकर मट्ठे के साथ सेवन करें| लगभग 8 दिनों तक यह नुस्खा प्रयोग करने से संग्रहणी समाप्त हो जाएगी|

गठिया
250 ग्राम दूध में लहसुन की दो पूतियां उबालकर कुछ दिनों तक सेवन करने से गठिया चला जाता है| लहसुन का तेल बनाकर शरीर पर मालिश भी करनी चाहिए|

हिस्टीरिया
लहसुन की दो पूतियां पीसकर घी में भून लें| इसके बाद इसमें थोड़ी-सी सोंठ तथा पीपरामूल का चूर्ण मिलाएं| प्रतिदिन एक चम्मच चूर्ण सुबह के समय खाने से हिस्टीरिया का रोग जाता रहता है|

लकवा (पक्षाघात)
250 ग्राम लहसुन को एक किलो सरसों के तेल में कड़ाही में औटाएं| जब तेल अच्छी तरह पक जाए तो उसे उतारकर ठंडा कर लें| इस तेल से रोगग्रस्त स्थानों की मालिश करें|

मधुमेह
प्रतिदिन चौथाई चम्मच नीम की पत्तियों के रस में दो बूंद लहसुन का रस मिलाकर सेवन करने से मधुमेह का रोग जाता रहता है|

सूजन
आवां हल्दी और लहसुन – दोनों को पीसकर सूजन वाले स्थान पर बांधने से सूजन चली जाती है| दिल की खराबी से होने वाली सूजन के लिए दो पूती लहसुन, अर्जुन की छाल, साठी की जड़ एवं त्रिफला का काढ़ा बनाकर रोगी को पिलाएं|

नजला (जुकाम)
लहसुन को कुचलकर खाने तथा बार-बार सूंघने से नजला या जुकाम कम हो जाता है|

दमा (श्वास रोग)
लहसुन की 8-10 पूतियों को आग में भूनकर पीस लें| इस चूर्ण में सोमलता, कूट, बहेड़ा, मुलहठी और अर्जुन की छाल का समभाग चूर्ण मिलाएं| फिर एक चम्मच चूर्ण प्रतिदिन शहद के साथ सेवन करें|

फ्लू
एक पूती लहसुन, चार पत्ती तुलसी, चार दाने कालीमिर्च और एक चुटकी सेंधा नमक – सबका काढ़ा बनाकर पीने से फ्लू शान्त हो जाता है|

दाद-खाज
लहसुन को भूनकर पीस डालें| फिर इसमें घी मिलाकर दाद-खाज पर लगाएं| अवश्य लाभ होगा|

मुंह के छाले
लहसुन की दो कलियां कुचलकर एक गिलास पानी में औटाएं| फिर इस पानी को ठंडा करके दिनभर में तीन-चार बार कुल्ला करें| मुंह के छाले ठीक हो जाएंगे|

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