25 मई से नवतपा, 5 सालों से इसी दिन हो रहा सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश

नई दिल्ली: ज्येष्ठ माह के रोहिणी नक्षत्र में सूर्य के प्रवेश को नवतपा कहा जाता है। इस नवतपा में सूरज की गर्मी प्रचंड होती है। लोग पसीना-पसीना तो होते ही हैं, इसे मानसून का गर्भकाल भी कहते हैं। रोचक बात यह भी है कि यह नक्षत्र पिछले 5 सालों से 25 मई को ही प्रवेश कर रहा है। इस बार रोहिणी के 5 दिन गर्मी के आसार खूब ज्यादा रहेंगे ।

मौसम में लगातार उतार‑चढ़ाव के बाद एक बार फिर सूरज अपनी गर्मी से लोगों को परेशान कर रहा है। इंदौर में तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम 30 डिग्री होने से लोग पसीना-पसीना हो रहे हैं, वहीं 5 दिन बाद नवतपा शुरू होने जा रहा है। इस बार ग्रह योग के हिसाब से नवतपा में तापमान बढ़ेगा, गर्मी ज्यादा होगी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले 4 से 5 दिनों में टेंप्रेचर 2 से 3 डिग्री बढ़ सकता है, यानी इस बार नवतपा में सूरज अपना प्रचंड रूप जरूर दिखाएगा। पंचांग के अनुसार 11 मई से ज्येष्ठ माह शुरू होने के बाद और 9 जून तक रहेगा। इस दौरान कई योग बन रहे हैं, जो भीषण गर्मी बढ़ाएंगे।

यह भी दिलचस्प तथ्य है कि पिछले 5 सालों में नवतपा 25 मई को ही आ रहा है। 4 अप्रैल को सूर्य के उच्च राशि मेष में प्रवेश के साथ ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे। इस बार गर्मी का असर 8 जून तक ज्यादा रहेगा। 25 मई को सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के साथ ही नवतपा शुरू हो जाएगा। सूर्य इस दिन रोहिणी नक्षत्र में सवेरे 8 बजकर 16 मिनट में प्रवेश करेंगे। यह स्थिति 3 जून तक रहेगी। 26 मई से मंगल व शनि का समसप्तक योग बनने से धरती खूब तपेगी और अग्निकांड का भय भी बना रहेगा। सूर्य के वृष राशि के 10 अंश से 23 अंश 40 कला में रहने तक नवतपा की स्थिति बनती है। सूर्य 8 जून तक इस स्थिति में रहने वाला है। ऐसे में नवतपा खत्म होने के बाद भी कई दिनों तक तेज गर्मी पड़ेगी।

9 में से 5 दिन खूब तपेगी धरती
आने वाली 25–26 मई को सूर्य उदय के समय चंद्रमा पृथ्वी तत्व की राशि वृषभ में रहने के साथ ही सूर्य व मंगल की युति के कारण 2 दिन तापमान में बढ़ोतरी होगी। इस दौरान लोग गर्मी से बेहाल रहेंगे। 27 व 28 मई को सूर्य उदय के समय में चंद्रमा वायु तत्व की राशि मिथुन में रहेगा। इस योग से आंधी आने की भी संभावना बन रही है। साथ ही इन दिनों में आसमान में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं बूंदाबांदी की संभावना भी रहेगी। 29 व 30 को पूरे दिन व 31 मई को सुबह 11.13 तक चंद्रमा जलचर राशि कर्क में रहेगा, जिससे बारिश की संभावना बनेगी।

3 जून को चंद्रमा पृथ्वी तत्व में
31 मई को 11.13 से 2 जून शाम 06.19 तक चंद्रमा अग्नि तत्व की राशि सिंह में रहने से तापमान बढ़ेगा। इन दिनों लोग गर्मी से बेहाल रहेंगे। 3 जून को चंद्रमा पृथ्वी तत्व की राशि में रहने से तापमान में स्थिरता बनी रहेगी। मानसून का गर्भकाल नवतपा सूर्य जब चंद्र के नक्षत्र रोहिणी में जाता है तो सूर्य की तपन कुछ ज्यादा ही बढ़ जाती है। रोहिणी नक्षत्र के कम से कम 9 दिन के अंतराल में बारिश न हो तो वर्षा उस वर्ष अधिक होती है। सूर्य की गर्मी और रोहिणी के जल तत्व के कारण मानसून गर्भ में जाता है और नवतपा ही मानसून का गर्भकाल माना जाता है।

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