40 से ज्यादा देश भारत की मदद को आगे आए, मिस्र से चार लाख रेमडेसिविर शीशियां खरीदने का प्रयास

भारत में कोरोना महामारी से निपटने के लिए दुनिया के विभिन्न हिस्सों से 500 से अधिक ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र, 4,000 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 10,000 ऑक्सीजन सिलेंडर आ रहे हैं। अब तक 40 देशों ने मदद की पेशकश की है। रूस से दो विमान पहुंच चुके हैं, जबकि अमेरिका से तीन विमान और आ रहे हैं।

विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बृहस्पतिवार को बताया कि भारत, मिस्र से रेमडेसिविर की 4,00,000 शीशियां खरीदने की दिशा में काम कर रहा है। संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश और उज्बेकिस्तान में भी रेमडेसिविर के स्टाक मौजूद हैं और इनसे संपर्क कर रहे हैं।

गुरुवार को आयोजित विशेष प्रेस वार्ता में विदेश सचिव ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के कारण उत्पन्न अभूतपूर्व स्थिति को देखते हुए अमेरिका, रूस, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूएई्, खाड़ी देशों, पड़ोसी देशों सहित 40 देशों से सहयोग की पेशकश की गई है।

श्रृंगला ने कहा कि सरकार मुख्य रूप से ऑक्सीजन उत्पादक संयंत्र, कंसंट्रेटर ऑक्सीजन सिलिंडर, क्रायोजेनिक टैंकर सहित तरल ऑक्सीजन हासिल करने पर ध्यान दे रही है। चिकित्सा आपूर्ति सीधी खरीद एवं अन्य माध्यमों से की जा रही है।

अमेरिका से शुक्रवार को पहुंचेंगे दो विमान
विदेश सचिव ने कहा कि अमेरिका से तीन विशेष विमानों के अमेरिका से बड़ी मात्रा में चिकित्सीय आपूर्तियां आने वाली है जिसमें से दो विमान शुक्रवार को पहुंचेंगे ।

रूस से दो विमानों में आई सामग्री
रूस से भी गुरुवार को भारत को 20 टन चिकित्सा सामग्रियां आई जिनमें आक्सीजन कंसंट्रेटर, वेंटिलेटर, दवाएं शामिल हैं। इसके अलावा दुनिया के कई देशों ने महामारी की स्थिति से निपटने में सहयोग के लिए चिकित्सा आपूर्ति की घोषणा की है ।

 

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