लखनऊ के आशियाना में दूसरा निकाह करने पर 420 का मुकदमा दर्ज

लखनऊ : तीन तलाक पर रोक के बाद मुस्लिम महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति और जागरूक होकर सामने आ रही हैं। आशियाना में एक मामला सामने आया है जहां एक मुस्लिम महिला ने अपने पति पर छिपाकर दूसरी शादी करने पर धारा 494 और 420 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।

शाजिया (काल्पनिक नाम) उर्फ गुडिया का विवाह कानपुर निवासी हैदर रिजवी से गत वर्ष हुआ था। शादी के बाद उसे पता चला कि पति पहले से शादीशुदा है। इसके बाद उनके बीच लड़ाई झगड़े होने लगे और उसने फोन पर तलाक दे दिया। वो भी उस समय जब कोर्ट ने ट्रिपल तलाक पर रोक लगाई थी। इसके बाद से वो न्याय के लिए लड़ रही है। महिला के अधिवक्ता सैयद रिजवान का दावा है कि ऐसा पहली बार हुआ है कि सिविल कोर्ट ने किसी मुस्लिम पर दूसरा विवाह करने के मामले में ऊपर 494/420 व 507 के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।

वहीं कानून के जानकार और शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता आईबी सिंह का कहना है कि इस तरह के मामले पहले भी आ चुके हैं। हां यह अच्छी बात है कि अब अधिक महिलाएं सामने आ रही हैं।एडवोकेट रिजवान अहमद ने बताया कि मुस्लिम मैरिज एक कांट्रेक्ट होता है, इस बात को कोर्ट ने भी माना है। इसी के तहत अगर कोई पुरुष पहली पत्‍‌नी को बिना जानकारी दिए दूसरी शादी करता है तो इसे भी सजा का हकदार मानना चाहिए।

जबकि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के हिसाब से उस व्यक्ति पर 494 के तहत बहुविवाह का मुकदमा दर्ज नहीं हो सकता है।एडवोकेट रिजवान अहमद ने बताया कि मुस्लिम मैरिज एक कांट्रेक्ट होता है। अगर कोई पुरुष महिला से अपनी पहली शादी की बात छिपाता है तो उस विवाह को शून्य माना जाना चाहिए। साथ ही पीड़िता ईसाई धर्म की है और शादी के समय उसका धर्म परिवर्तन भी करवाया गया। इसलिए उसे न्याय मिलना चाहिए और दोषी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

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