44 फीट गहरे बोरवेल में गिरी 3 साल की बच्ची, 25 घंटों से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

मुंगेर: बिहार के मुंगेर जिले में 3 साल की छोटी बच्ची सना बोरवेल में गिर गई है। सना को बोरवेल से निकालने के लिए जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की तरफ से युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। ये अभियान कल रात से ही चल रहा है।

जिला प्रशासन का कहना है कि बच्ची को लगातार बोरवेल में ऑक्सीजन पहुंचाया जा रहा है। अभी बच्ची ठीक है। गड्ढे की लंबाई करीब 44 फीट बताई जा रही है। दरअसल, मंगलवार को सना शाम 3 बजे के आसपास घर के पास खुदे बोरवेल में गिर गई। बताया जा रहा है कि सना अपनी नानी की यहां आई हुई थी, जिस दौरान ये हादसा हुआ।

स्थानीय सदर अस्पताल के डॉ. फैज़ मौके पर ही मौजूद हैं और लगातार बच्ची की सेहत पर नज़र बनाई जा रही है। वहां मौजूद SDRF लगातार सीसीटीवी के जरिए बच्ची पर नज़र बनाए हुए है। एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर संजीत ने बताया कि अभी 42 फिट गड्ढा हुआ है, लगातार काम चल रहा है. गड्ढा खुदाई के लिए करीब 50 मजदूरों को लगवाया गया है।

पहले भी होती रही हैं ऐसी घटनाएं

ये पहली बार नहीं है जब कोई मासूम खुले बोरवेल में गिरा हो। इससे पहले भी इस तरह की कई घटनाएं हमारे सामने आती रही हैं। इस तरह का जो मामला सबसे पहले हमारे सामने तब आया था जब 21 जुलाई 2006 को हरियाणा के कुरुक्षेत्र के लधेणी गांव में घर से कुछ दूरी पर खेल रहा प्रिंस एक 50 फीट गहरे खुले बोरवेल में जा गिरा था। यह गड्ढा मात्र एक फुट चौड़ा था।

इस गड्ढे में प्रिंस करीबन 50 घंटों तक फंसा रहा जिसके बाद 23 जुलाई को उसे रिस्क्यू टीम द्वारा बाहर निकाला गया। इसके अलावा 23 फरवरी 2015 को भी मध्यप्रदेश के शाजापुर में भी ऐसी ही घटना देखने को मिली जब एक 4 साल का अजय 150 फीट गहरे खुले बोरवेल में जा गिरा। रेस्क्यू टीम ने उसे बाहर तो निकाल लिया लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

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