5 दिन में बवासीर को ठीक कर देता है ये फल, बस पता होना चाहिए खाने का सही तरीका

ऐनस के अंदरूनी और बाहरी क्षेत्र और रेक्टम के निचले हिस्से की शिराओं में सूजन के साथ खून आना बवासीर बीमारी की तरफ संकेत करता है. उम्र बढ़ने पर ये बीमारी आम हो जाती है. बवासीर पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलने वाली बीमारी है. कई बार इस बीमारी की वजह से लोग इतना परेशान हो जाते हैं कि उन्हें घंटों टॉयलेट में बैठना पड़ता है. आज हम बवासीर बीमारी के लक्षण, कारण और इसका ऐसा चमत्कारी उपाय बताने जा रहे हैं जिसके सेवन से आपको कभी इस खतरनाक बीमारी की शिकायत नहीं होगी.

लक्षण-

बवासीर में ऐनस के इर्द-गिर्द एक कठोर गांठ जैसी महसूस हो सकती है. इसमें ब्लड हो सकता है, जिसकी वजह से इनमें काफी दर्द होता है.

कई बार फ्रेश होने के बाद भी पेट साफ हुआ महसूस नहीं होता है और शौच के वक्त खून आने लगता है.

शौच के वक्त म्यूकस का आना और दर्द होना बवासीर के मुख्य लक्षण है.

कारण

सुबह-शाम शौच ना जाना और शौच जाने पर ठीक से पेट ना साफ होने पर बवासीर हो सकती है.

शौच के समय जोर लगाना और टॉयलेट में काफी देर तक बैठना

प्रसव के दौरान बवासीर होने का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि एनस क्षेत्र पर ज्यादा दबाव पड़ता है।

ज्यादा दिनों तक हृदय व लीवर से संबंधित बीमारी होने से बवासीर का खतरा हो सकता है.

उपाय

बवासीर बीमारी में कई तरह की दवाईयों का सेवन कर चुके हैं तो एक बार जामुन और आम की गुठलियों का चमत्कार भी देख लीजिए. बवासीर से पीड़िक रोगी आम और जामुन के भीतर का भाग सुखाकर दोनों को पीस लें और चूर्ण बना लें. 5 दिन तक इस चूर्ण को हल्के गर्म पानी या छाछ के साथ पीने से बवसीर ठीक होती है. इसके साथ ही बवासीर में खू’न का गिरना बंद हो जाता है.  बवासीर के रोगी मसालेदार खाना छोड़कर भरपूर हरी और रेशेदार सब्जियां खाएं, ताजे फल खाएं और खूब पानी पिएं.

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper