6 दिनों में भी स्त्री की रचना नहीं कर सके ब्रह्मदेव, वजह जान कर यकीन नहीं होगा

लखनऊ: ये तो सब जानते है कि इस सृष्टि की रचना ब्रह्मा जी ने की थी. अब यूँ तो ब्रह्मा जी ने काफी कम समय में इस सृष्टि की रचना कर दी थी. मगर यदि हम स्त्री की बात करे तो उसकी रचना करने में ब्रह्मा जी को काफी ज्यादा समय लग गया था. जी हां आपकी जानकारी के लिए बता दे कि स्त्री की रचना करने में ब्रह्मा जी को छह दिन से भी ज्यादा का समय लग गया था. यानि अगर हम सीधे शब्दों में कहे तो छह दिन बीत जाने के बाद भी ब्रह्मा जी स्त्री की पूर्ण रचना नहीं कर पाएं थे. बरहलाल इसके पीछे की वजह भी आज हम आपको जरूर बताएंगे. जी हां आज हम आपको बताएंगे कि आखिर क्यों छह दिन बीत जाने के बाद भी ब्रह्मा जी स्त्री की पूर्ण रचना नहीं कर पाएं थे. हमें यकीन है कि आपको भी यह दिलचस्प जानकारी बेहद पसंद आएगी.

गौरतलब है कि पुराणों के अनुसार ब्रह्मा जी के लिए स्त्री की रचना करना सबसे ज्यादा कठिन था. यही वजह है कि जब छह दिन बीत जाने के बाद भी ब्रह्मा जी स्त्री की रचना नहीं कर पाएं तो ऐसे में वहां पर नारद मुनि जी प्रकट हो गए. बता दे कि जब नारद मुनि जी ने ब्रह्मा जी से यह पूछा कि आप स्त्री की रचना करने में इतना समय क्यों लगा रहे है. तब ब्रह्मा जी ने कहा कि क्या आपने स्त्री के गुणों को समझने की कोशिश की है. बरहलाल इसके बाद ब्रह्मा जी ने खुद स्त्री के गुणों के बारे में नारद मुनि जी को बताया. जी हां ब्रह्मा जी ने कहा कि एक स्त्री हर बुरी स्थिति में न केवल खुद को संभाल सकती है, बल्कि अपने बच्चो की देखभाल भी कर सकती है.

यहाँ तक कि वह अपने प्रेम से हर छोटे से छोटे और बड़े से बड़े घाव को आसानी से भर सकती है. केवल इतना ही नहीं इसके इलावा वह बीमार होने के बाद भी अपने परिवार की पूरी देखभाल करती है. गौरतलब है कि ब्रह्मा जी की बातें सुन कर नारद मुनि जी हैरान हो गए और उन्होंने दोबारा ब्रह्मा जी से सवाल किया, कि स्त्री देखने और स्पर्श करने में तो काफी कोमल और नाजुक सी लगती है. ऐसे में भला एक स्त्री इतने सब काम कैसे कर सकती है. तो ब्रह्मा जी ने जवाब दिया कि स्त्री उनकी कुछ खास बेहतरीन रचनाओं में से एक है. जिसे कोई नहीं समझ सकता.

जी हां इसके बाद ब्रह्मा जी ने कहा कि यह बाहर से देखने पर भले ही नाजुक सी लगती हो, लेकिन यह अंदर से काफी मजबूत है. बरहलाल ये सब सुन कर नारद मुनि जी बोले कि हे प्रभु आपकी यह रचना वास्तव में काफी अनोखी है. इसके बाद जब नारद मुनि जी ने पूछा कि हे प्रभु क्या अब स्त्री की रचना पूरी हो गई, तो ब्रह्मा जी ने कहा कि इसमें अभी भी एक कमी बाकी है. ऐसे में ब्रह्मा जी ने कहा कि कभी कभी स्त्री अपनी खुद की शक्तियों को भूल जाती है. इसलिए वो पिछले छह दिनों से इसी कार्य में लगे हुए है.

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