6 लाख में बिकी बच्ची के लिए भगवान बने किन्नर, बच्ची ने सुनाई पूरी आपबीती

नई दिल्ली: बिहार में ममता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जहां माता-पिता ने अपनी नाबालिग बेटी को एक 50 साल के तस्कर को बेच डाला। कुछ किन्नरों को इस बात का पता लगने पर बच्ची को तस्कर के चंगुल से छुड़वाया। बच्ची ने बताया कि तस्कर ने उसके साथ रेप करने की कोशिश की।

9वीं क्लास में पढऩे वाली 15 वर्षीय नाबालिग बच्ची बिहार की रहने वाली है और झारखंड के रहने वाले व्यक्ति के साथ ट्रेन में सवार थी। ट्रेन से कुछ किन्नरों को इस बात का पता लगने पर उन्होंने बच्ची को तस्कर के चंगुल से बचाया। वह कथित तौर पर बच्ची को उसके माता-पिता से खरीदकर लाया था। बच्ची ने अपने माता-पिता के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। बच्ची ने बताया कि उसके माता-पिता ने उसे झारखंड के रहने वाले 50 वर्षीय व्यक्ति को 1.5 लाख रुपये में बेचा है।

बच्ची ने कहा कि वह अभी 9वीं कक्षा में पढ़ती है और आगे भी पढऩा चाहती है। लेकिन उसके माता-पिता उसपर शादी करने का दबाव बना रहे थे। बच्ची ने बताया कि इस काम में उसके दो अंकल भी शामिल थे। आरोपी व्यक्ति के साथ भेजने से पहले उसे बेहोश किया गया। जब वह होश में आई तो उससे कहा गया कि वह व्यक्ति उसे अपनी बेटी की तरह रखेगा और सभी तरह की सुविधाएं देगा।

बच्ची ने कहा कि उसके घर वाले उसे उसका पति बता रहे थे। आरोपी आदमी बच्ची को अपने घर ले गया और वहां उसके साथ रेप करने की कोशिश की। बाद में व्यक्ति ने उसे पुणे में किसी अन्य तस्कर को 6 लाख रुपये में बेच दिया। बच्ची को जब इस बात का पता चला तो उसने घर से भागने का फैसला किया।

जब वह ट्रेन में बैठी तो उसे कुछ किन्नर मिले। उन्हें उसने आपबीती सुनाई। जिसके बाद उसे बचाया गया। भभुआ के एसडीपीओ अजय प्रसाद ने कहा कि कैमूर पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज करके नवादा पुलिस को बच्ची का बयान भेज दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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