‘आप’ को तगड़ा झटका, 20 विधायकों की सदस्यता रद्द, जानिये अब कितने विधायक बचे

द लखनऊ ट्रिब्यून ब्यूरो : ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के मामले में ‘आप’ के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की चुनाव आयोग के फैसले को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूरी दे दी है। सरकार ने राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी दी। शुक्रवार को चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति से सिफारिश की थी 20 विधायकों को अयोग्य घोषित किया जाए।

अब आप के पास केवल 47 विधायक ही रह गए हैं।
राष्ट्रपति के फैसले के बाद ‘आप’ नेता गोपाल राय ने कहा है कि हमने इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिए राष्ट्रपति से समय की मांग की थी और हमें ये जवाब मिला कि राष्ट्रपति महोदय फिलहाल दिल्ली में नहीं है। जबकि खबर आ रही है कि विधायकों की अयोग्यता की सिफारिश पर राष्टपति ने हस्ताक्षर कर दिए हैं।

आम आदमी पार्टी की नेता अलका लांबा ने भी सदस्यता रद्द होने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को इस संबंध में फैसला लेने से पहले हमें एक मौका देना चाहिए था। लांबा ने कहा कि संसदीय सचिव रहते हुए उनका वेतन एक रुपये भी नहीं बढ़ा। अलका ने कहा कि न्यायपालिका के दरवाजे हमारे लिए खुले हैं।

भाजपा और कांग्रेस ने केजरीवाल पर साधा निशाना
पूर्व दिल्ली भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि जनता को ‘आप’ का भ्रष्टाचार दिख रहा है। सरकार का भ्रष्टाचार बेनकाब हुआ है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अब पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं रह गया है। कांग्रेस की शर्मिष्ठा मुखर्जी ने चुनाव आयोग की सिफारिश का स्वागत किया है।

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