आखिर महिलाओं में क्यों है डिप्रेशन की समस्या, टॉक शो में आया सामने

द लखनऊ ट्रिब्यून ब्यूरो : महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर शुक्रवार (16 फरवरी) को गोमतीनगर स्थित शेख चिली रेस्टोरेंट में एक टॉक शो का आयोजन अनुपमा फाउंडेशन, नीडल एन थ्रेड एवं ओरेंज कैसल ने संयुक्त रूप से किया। इसमें महिलाओं में बढ़ते अवसाद, चिंता और आघात की पहचान एवं उपचार पर चर्चा हुई।

टॉक शो की मुख्य वक्ता बाबा भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में मनो वैज्ञानिक परामर्शदाता डॉ. नेहा आनंद ने महिलाओं की समस्या के बारे में विस्तार से लोगों को समझाया। उन्होंने कहा कि करीब 1.2० करोड़ महिलाएं अवसाद से पीड़ित हैं। इसका मुख्य कारण समाज में महिलाओं को लेकर कही जाने वाली बातें भी हैं। उन्होंने कहा कि चाहे पति हो या बेटा या फिर खुद दूसरी महिलाएं हो क्यों न हों, महिलाओं पर कमेंट करना सभी का पसंदीदा विषय होता है। डॉ. नेहा ने कहा कि इसे अगर अवसाद से बचना है तो महिलाओं को इससे बचना होगा। इस दौरान उन्होंने टॉक शो में उपस्थित महिलाओं के सवालों के जवाब भी दिए।

ऑल इंडिया रेडियो की वरिष्ठ प्रोग्राम अधिकारी डॉ. अनामिका श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाओं को सेट सोशल स्टैंडर्ड में खुद को नहीं रोकना चाहिए। व्यक्ति सिर्फ शारीरिक ख़ूबसूरत नहीं होता। एक टोटल कोंफिड़ेंस पर्सनालिटी ही एक औरत को डिफाइन करती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को दूसरों की बातों को नजरअंदाज कर आगे बढ़ना चाहिए।

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