पाठ्यक्रम में भगवा एजेंडा के बाद वसुंधरा सरकार स्कूलों में भगवा ड्रेस लाने को तैयार 

दिल्ली ब्यूरो : राजस्थान उपचुनाव में पराजय के बाद सूबे की मुखिया वसुंधरा राजे अब एक नयी राजनीति पर उतर आयी है। ऐसे वसुंधरा खुद को काफी आधुनिक मानती है लेकिन संघ की सोच वसुंधरा पर भरी पड़ रही है। केंद्र से लेकर राज्यों तक संघ की सोच को ही बढ़ाने का उपक्रम जब चल रहा हो तो भला वसुंधरा कैसे पीछे रह सकती है। संघ का विरोध मतलब राजनीति से हाथ धोना। ऐसे में संघ के इशारे पर अब राजस्थान में कुछ दुसरा खेल होते दिख रहा है।
अब बीजेपी अपने भगवा एजेंडे पर अग्रसर है। राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार कॉलेजों में ड्रेस कोड लागू करना चाहती हैं और ये ड्रेस भगवा होगी। इसे लागू करने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ कॉलेज एजुकेशन ने कॉलेजों से सुझाव भी मांगे गये हैं। इस बाता का खुलासा कॉलेजों को जारी किए गए सर्कुलर में हुआ है। इस मामले को सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस आमने सामने आ चुकी है। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी कॉलेज छात्र-छात्राओं को भगवा पहनाकर बाबा बनाना चाहती है।

कांग्रेस नेता गोविंग देव सिंह का कहना है कि, ‘राजस्थान में सरकार आरएसएस के इशारे पर चल रही है। पहले पाठ्यक्रम में बदलाव किया, फिर स्कूलों में भगवा कपड़े पहनने का नोटिस दियाय़ अब सब कुछ भगवा करके, ये सबको बाबा इस मामले में राजस्थान के शिक्षा मंत्री किरन माहेश्वरी का कहान है कि ‘ये स्टूडेंट्स की डिमांड थी कि उनके कॉलेज में ड्रेस कोड होना चाहिए, जिससे ये साफ हो सके कि ये पढ़ने वाला बच्चा है। हमने ये नहीं कहा है कि किसी विशेष रंग की ही ड्रेस होनी चाहिए। अंत में ड्रेस पर फैसला स्टूडेंट्स को ही लेना है।’

यह बात और है कि राजस्थान सरकार के खेल को विपक्ष पहले ही समझ गया है और इसकी तीखी आलोचना की जा रही है लेकिन यह भी माना जा रहा है कि जिस तरह से किताबों में भगवा राजनीति को समाहित किया गया उसी तरह से स्कूलों को भी भगवा बनाने में देर नहीं होगी।
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