अमर कवि रहीम की दास्तान सुनेगा लखनऊ

लखनऊ ट्रिब्यून ब्यूरो: अब्दुर्रहीम ख़ानख़ाना उर्फ़ रहीम के दोहे सैकड़ों सालों से भारत के अवाम में रचे बसे हैं. इन्ही रहीम की जिंदगी और शाइरी पर आधारित दास्तान संगीत नाटक अकादमी में आगामी 27 जनवरी को सुनाई जाएगी. ‘दास्तान ख़ानख़ाना’ की शीर्षक वाली इस दास्तान का ये लखनऊ में सबसे पहला शो होगा. शहर के जाने-पहचाने दास्तानगो हिमांशु बाजपेयी एवं दिल्ली के अंकित चड्ढा मिलकर पेश करेंगे.

दो साल की रिसर्च के बाद लिखी गयी दास्तान

दास्तानगो हिमांशु बाजपेयी बताते हैं- इस दास्तान को लिखने में दो साल से ज़्यादा का वक़्त लगा. इतना वक़्त लगने का कारण इसके लिए किया गया गहन शोध है. यही इसकी सबसे ख़ास बात है. मैने और अंकित ने मिलकर रहीम पर केन्द्रित उर्दू-हिन्दी-अंग्रेज़ी की बीस से अधिक प्रामाणिक नई पुरानी किताबों का अध्ययन किया, रहीम काव्य के विशेषज्ञों से बात की और लोक में रचे-बसे रहीम के क़िस्सों को भी घूम घूम कर इकट्ठा किया. सामग्री जुटाने के बाद इससे काम की चीज़ें निकाल कर ये दास्तान बुनी गयी.

इसे भी पढ़िए: यूपी की सेल्फी क्वीन बी. चन्द्रकला संभालेंगी मोदी के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की कमान

रहीम पर पहली दास्तान, लखनऊ में पहला शो-

हिमांशु के मुताबिक ये पहली बार है जब रहीम की ज़िंदगी और शाइरी को दास्तानगोई के ज़रिए लोगों के सामने पेश किया जाएगा. इसके साथ ही लखनऊ का शो इस दास्तान का सबसे पहला यानी प्रीमियर शो होगा. तकरीबन एक घंटे की ये दास्तान कबीर फेस्टिवल के अन्तर्गत आयोजित की जा रही है. प्रवेश डोनर पास द्वारा है, जो ऑनलाइन मिल सकता है या इसके लिए सोशल मीडिया पर कबीर फेस्टिवल से सम्पर्क किया जा सकता है.

पता चलेंगे रहीम के अनजाने पहलू

हिमांशु के मुताबिक इस दास्तान के ज़रिए लोगों को रहीम की ज़िंदगी के कई ऐसे पहलुओं की जानकारी मिलेगी जो अब तक आम नहीं हैं. दास्तान रहीम की ज़िंदगी के हैरतअंगेज़ विरोधाभासों और विडम्बनाओं को तो बताती ही है साथ ही उनके व्यक्तित्व और उनके काव्य की गहराई में भी उतरती है. इसके साथ ही दास्तान रहीम के दौर, जो कि तुलसीदास और अकबर का भी दौर है, की सामाजिक राजनैतिक स्थिति पर भी प्रकाश डालती है.

दास्तान बच्चों, नौजवानों और बुज़ुर्गों सभी के सुनने लायक है, और सभी को इसमें अपने काम की बहुत सी चीज़ें मिलेंगी. सभी ने कभी न कभी कोर्स की किताब में रहीम के दोहे और जीवनी पढ़ी है, दास्तान के ज़रिए इसी को एक बिल्कुल अलग एवं दिलचस्प अंदाज़ में रीविज़िट करने का मौक़ा मिलेगा.

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... -------------------------
----------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper