एक इंजीनियर ने लिखा इतिहास, जानिये कौन है योगी के गढ़ पर कब्जा करने वाला

द लखनऊ ट्रिब्यून ब्यूरो : करीब तीन दशक तक गोरखपुर लोकसभा सीट पर गोरक्षनाथ पीठ का कब्जा खत्म करने वाले 29 साल के प्रवीण कुमार निषाद मैकेनिकल इंजीनियर की नौकरी छोड़कर गोरखपुर लोकसभा चुनाव मैदान में कूदे थे। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस लोकसभा सीट पर प्रवीण ने जीत हासिल की है। निषाद ने भिवाड़ी (अलवर) से चार साल तक एक निजी कंपनी में प्रोडक्शन इंजीनियर की नौकरी की। जब नौकरी में मन नहीं लगा तो राजनीति में भाग्य आजमाने गोरखपुर पहुंच गए। आइये आपको बताते हैं इस युवा इंजीनियर के बारे में।

– प्रवीण वर्ष 2008 में बीटेक करने के बाद 2009 से 2013 तक उन्होंने राजस्थान के भिवाड़ी में एक प्राइवेट कंपनी में बतौर प्रोडक्शन इंजीनियर नौकरी की। उस समय प्रदेश में कांग्रेस सरकार थी।

– वर्ष 2013 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी और फिर राजनीति में भाग्य आजमाने गोरखपुर लौट गए। इसके एक साल बाद यूपी विधानसभा के चुनाव हुए।

– प्रवीण के पिता संजय कुमार निषाद ने पार्टी बनाई। गोरखपुर से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए।

– गोरखपुर सांसद योगी आदित्यनाथ के यूपी के सीएम बनने के बाद यहां उपचुनाव कराया गया और समाजवादी पार्टी ने प्रवीण को उतारा।

– प्रवीण कुमार ने अपने पास कुल 45,000 रुपये और सरकारी कर्मचारी पत्नी रितिका के पास कुल 32,000 रुपये नकदी होने का ब्यौरा दिया था।

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