एडीजी-112 की पहल पर गुरुवार से जागरूकता कार्यक्रम शुरू, आपात स्थिति में कैसे लें पुलिस की सहायता पुलिस की टीमों ने बताया

लखनऊ: एडीजी-112 अशोक कुमार सिंह के दिशा निर्देशन मे गोरखपुर, महराजगंज और कुशीनगर में एक सप्ताह का जागरूकता कार्यक्रम गुरुवार से शुरू हुआ. कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक, एलईडी वैन व नुक्कड़ सभा कर नागरिकों को यूपी-112 की सेवाओं से जागरूक किया गया. टीम का नेतृत्व कर रही मुख्यालय की अपर पुलिस अधीक्षक मोहिनी पाठक ने बताया कि पुलिस की टीमें नागरिकों को जानकारी दे रही हैं कि केवल झगड़े व मारपीट में ही नही बल्कि किसी भी आपात स्थिति जैसे आग लगने, प्राकृतिक आपदा, मेडिकल इमरजेंसी में भी आप 112 नम्बर डायल कर मदद प्राप्त कर सकते है।

भारत-नेपाल सीमा पर किया जागरुक
मीडिया सेल प्रभारी श्री करुणा शंकर सिंह ने बताया कि सोनौली बॉर्डर पर एसएसबी के डीआईजी श्री मनजीत सिंह और यूपी-112 मुख्यालय की अपर पुलिस अधीक्षक मोहिनी पाठक की उपस्थिति में जागरूकता कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ. इस मौक़े पर लोकगीतों के माध्यम से कलाकारों ने 112 की योजनाओं से नागरिकों को अवगत कराया. कार्यक्रम का आयोजन सीमा पर तैनात एसएसबी के सहयोग से किया गया.

नेपाल सीमा से भारत की ओर आने वाले नागरिकों को 112 की टीम और स्थानीय पुलिस के जवानों ने पुलिस विभाग की योजनाओं/ सहायता की जानकारी दो. नागरिकों को बताया गया कि सिर्फ़ अपराध होने पर ही नहीं बल्कि किसी भी आपात स्थिति में यूपी-112 की सहायता ली जा सकती है. इस मौक़े पर नागरिकों को यातायात के नियमों की जानकारी और नियमों का पालन करने के लिए भी प्रेरित किया. एक सप्ताह चलने वाले इस जागरूकता कार्यक्रम में स्थानीय ज़िलों के पुलिस अधिकारी व कर्मी भी शामिल रहेंगे.

महिलाओं व बुजुर्गों के लिए योजनाएँ
महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन सरकार की प्राथमिकता में है. घरेलू हिंसा पीड़ित महिलाओं के लिए 112 की ओर से ‘प्रबल प्रतिक्रिया’ दी जाती है. योजना में पीड़ित महिला 112 पर कॉल कर अपना पंजीकरण करवा सकती है. पंजीकृत महिला की शिकायत पर महिला पीआरवी तत्काल सहायता के लिए पहुँचती है. इसके साथ साथ टीमों द्वारा उत्तर प्रदेश पुलिस की ट्वीटर सेवा, यूपी कॉप ऐप, 1090 व साइबर क्राइम के प्रति भी लोगों को जागरुक किया गया.
बुजुर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए 112 द्वारा सवेरा योजना शुरू की गयी है. योजना में कोई भी बुजुर्ग पंजीकरण करवा कर कभी भी पुलिस सहायता ले सकते है.

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