यूपी में नजूल की जमीनों को फ्री होल्ड करने पर लगी रोक, लोगों को करना होगा इंतजार

लखनऊ: राज्य सरकार ने शहरों में नजूल की जमीनों को फ्री-होल्ड करने पर प्रभाव से रोक लगा दी है। इसके लिए नजूल भूमि को फ्री होल्ड करने संबंधी जारी सभी शासनादेशों को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। इसलिए नजूल की जमीनों को फ्री-होल्ड कराने के लिए लोगों को नई नीति आने तक इंतजार करना होगा।

प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश नजूल संपत्ति (प्रबंधन एवं निस्तारण) अधिनियम-2020 बनने के बाद नियमावली व शासनादेश जारी होगा, फिर इसके आधार पर नजूल की जमीनें फ्री होल्ड की जाएंगी। उन्होंने कहा है कि 23 मई 1992 को नजूल की जमीनों को फ्री-होल्ड करने संबंधी शासनादेश जारी किया गया था। इसके बाद समय-समय पर इसमें संशोधन किया गया। मसलन, 4 मार्च 2014, और 15 जनवरी 2015 को नजूल की जमीनों को फ्री-होल्ड करने के संबंधी संशोधित शासनादेश जारी किया गया।

मौजूदा समय इसे आधार पर ही प्रदेश में नजूल की जमीनें फ्री होल्ड की जा रही थीं। नजूल की जमीनों को फ्री होल्ड करने के संबंध में प्रदेश में अभी तक कोई नीति नहीं बनी है। इतना ही नहीं ऐसी जमीनों के रख-रखाव और निस्तारण के लिए आजादी के पहले बना गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट 1895 भी खत्म हो चुका है। इसीलिए ऐसी जमीनों को फ्री होल्ड करने के लिए नई नीति बनाने की जरूरत समझा गया है।

आवास एवं शहरी नियोजन विभाग इसके लिए उत्तर प्रदेश नजूल संपत्ति (प्रबंधन एवं निस्तारण) अधिनियम-2020 बना रहा है। इसके जारी होने के बाद इसके आधार पर नियमावली बनाई जाएगी। इसमें निर्धारित किया जाएगा कि नजूल की जमीनों को फ्री होल्ड करने की क्या व्यवस्था होगी और कितना शुल्क लिया जाएगा। इसलिए अग्रिम आदेशों तक नजूल की जमीनें के प्रबंधन एवं निस्तारण और फ्री होल्ड करने संबंधी जारी सभी शासनादेशों को स्थगित कर दिया गया है।

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