गार्ड ऑफ ऑनर के बाद राजघाट पहुंचे नेतन्याहू, पत्नी के साथ बापू को दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली: छह दिवसीय दौरे पर रविवार को भारत पहुंचे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू आज कई अहम बैठकों में हिस्सा लेंगे। दौरे के दूसरे दिन दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। साथ ही इजरायली पीएम भारत-इजरायल सीईओ फोरम से मिलेंगे। इससे पहले राष्ट्रपति भवन में उनका सम्मान किया गया। जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यहां से इजरायली पीएम राजघाट पहुंचे और पत्नी के साथ मिलकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।

पीएम नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में स्वागत किया। इसके बाद नेतन्याहू को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। जिसके बाद पीएम मोदी ने इजरायली पीएम और उनकी पत्नी को वहां मौजूद अधिकारियों और मंत्रियों से मिलवाया। नेतन्याहू ने भी पीएम मोदी को इजरायली प्रतिनिधियों से मिलवाया।

राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत और विदेश राज्य मंत्री भी मौजूद रहे। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद बेंजामिन ने पीएम मोदी की तारीफ की। इस दौरान उन्होंने कहा कि शांति और खुशहाली के लिए दोनों देशों की साझेदारी अहम है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के इजरायल दौरे से हमारी दोस्ती शुरू हुई।

नेतन्याहू ने कहा, ‘पीएम मोदी के इजरायल के ऐतिहासिक दौरे से दोस्ती का ये सिलसिला शुरू हुआ, जिसने जबरदस्त उत्साह पैदा किया। मेरी यात्रा के साथ ये जारी रहेगा। ये यात्रा मेरी पत्नी और मेरे साथ इजरायलवासियों के लिए काफी अहम है।’ दोनों देशों के सीईओ फोरम की मीटिंग में इजरायल के टॉप हथियार बनाने वाली कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सूत्रों के मुताबिक, आज दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि पानी, कृषि, तकनीकी, आईटी और एनर्जी से जुड़े 10 एमओयू साइन हो सकते हैं।

पूर्व विदेश सचिव शशांक ने कहा कि नेतन्याहू का दौरा भारत और इजरायल दोनों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण और यादगार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस गर्मजोशी से नेतन्याहू का स्वागत किया है ये दोनों देशों की बढ़ती समझ का संकेत है। पीएम मोदी को भी इजरायल यात्रा के दौरान इसी तरह का गर्मजोशी भरा स्वागत मिला था।

पूर्व विदेश सचिव ने कहा कि नेतन्याहू की यात्रा ऐसे समय मे हो रही है जब दुनिया में कई तरह के घटनाक्रम हुए हैं। इजरायल की राजधानी के रूप में यरुशलम को मान्यता देने के अमेरिकी प्रस्ताव का भारत ने विरोध किया है। शशांक ने कहा कि इजरायल जानता है कि भारत के रिश्ते फलस्तीन के अलावा मध्य एशिया व अरब देशों के साथ भी अच्छे हैं। उसने भारत की रणनीतिक जरूरतों और विचारों का सम्मान करते हुए आपसी रिश्तों की मजबूती पर जोर दिया है। ये समझ मौजूदा यात्रा से और मजबूत होगी।

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