बीजेपी के महासचिवों और प्रवक्ताओं की लगेगी लॉटरी, जानिये क्यों

दिल्ली ब्यूरो : राज्यसभा का चेहरा बदलने जा रहा है। बीजेपी अब राज्य सभा में भी भारी बहुमत में होगी। मार्च में हो रहे राज्य सभा चुनाव में बीजेपी के कई नए चेहरे राज्य सभा के सदस्य होंगे। माना जा रहा है कि आगामी विधान सभा चुनाव और लोक सभा चुनाव को देखते हुए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह बड़ी संख्या में पार्टी महासचिवों और प्रवक्ताओं को राज्य सभा में लाने की तैयारी कर रहे हैं।

अभी पार्टी में 8 महासचिव हैं जिनमे केवल एक ही राज्य सभा सदस्य हैं माना जा रहा है कि अमित शाह करीब 4 महासचिवों को राज्य सभा में भेजेंगे। महासचिवों के अलावा प्रवक्तताओं के भी सर्वाधिक संख्या में राज्यसभा में पहुंचने के आसार हैं। हालांकि राज्य विधानसभा के आगामी चुनावों के मद्देनजर पार्टी आलाकमान के समक्ष क्षेत्रीय संतुलन और जातीय संतुलन साधने की भी जिम्मेदारी अहम है।

खबर जिस तरह से मिल रही है उसके मुताविक अरुण सिंह, अनिल जैन और कैलाश विजयवर्गीय को अमित शाह का बेहद भरोसेमंद माना जाता है। इसलिए इन नेताओं का कद बढऩा तय माना जा रहा है। इसके अलावा पार्टी महासचिव राम माधव और मुरली धर राव के भी संसद के उच्च सदन में पहुंचने की प्रबल संभावना हैं। दक्षिण भारत में विस्तार की नीति के तहत भाजपा आलाकमान इन दोनों ही नेताओं का कद बढ़ाने के मूड में है। वैसे भी राम माधव भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के लिए जीताउ महासचिव कहे जाते हैं। तो मुरली धर राव के जिम्मे दक्षिण भारत में कमल को खिलाने की अहम जिम्मेदारी है।

यूपी से 10 सीटों में से भाजपा के खाते में 9 सीट आनी हैं। यहीं से बाहरी नेताओं को पार्टी उम्मीदवार बनाएगी। राज्य से ताल्लूक रखने वाले अरूण सिंह, अनिल जैन, सुधांशु त्रिवेदी और बिजय सोनकर शास्त्री का नाम केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष चर्चा में है। तो करीब 3-4 चेहरे प्रदेश से भी तय किए जाएंगे। यही वजह है कि राम माधव के नाम का विचार राजस्थान और मध्यप्रदेश से हो रहा है। मुरली धर राव को भी पार्टी इन्हीं किसी एक राज्य से राज्यसभा में लाएगी। राजस्थान में 3 सीटों पर चुनाव होना है तीनों ही सीटें भाजपा के खाते में जाएंगी।

मध्य प्रदेश से भी 5 सीटें भरी जानी हैं। इनमें से करीब 3 सीटें भाजपा की तय मानी जा रही हैं। यहां से थावर चंद गहलोत का नाम दोबरा से तय माना जा रहा है। इसके अलावा कैलाश विजयवर्गीय का नाम भी चर्चा में है। कर्नाटक से भी भाजपा को राज्यसभा की 2 सीटें मिलने की संभावना है। यहां से स्थानीय नेताओं को ही ज्यादा तरजीह मिलने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरोज पांडे को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना है। इसके अलावा प्रमुख नेताओं में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्तता सुधांशु त्रिवेदी, बिजय सोनकर शास्त्री, जीवीएल नरसिंह राव और शहनवाज हुसैन को भी राज्य सभा में भेजा जा सकता है। सुधांशु लंबे समय से दावेदारी में हैं। तो शहनवाज का केंद्रीय मंत्री से लेकर संगठन तक का अनुभव है।
उधर केंद्रीय मंत्रियों में एक दर्जन मंत्रियों का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

अकेले पीएम मोदी के गृह राज्य गुजरात से 4 मंत्रियों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। लेकिन विधानसभा में सीटें कम आने की वजह से यहां भाजपा को दो सीटों पर नुकशान होगा। यहां से वित्त मंत्री अरूण जेटली और पुरूषोत्तम रूपाला के राज्यसभा सदस्य के रूप में वापसी तय मानी जा रही है। दो सीट कांग्रेस के खाते में जाएगी। हिमाचल प्रदेश की एकमात्र सीट से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का नाम तय माना जा रहा है। हालांकि यहां से पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल चुनाव हारने के बाद भी प्रबल दावेदार हैं। मगर सूत्र बताते हैं कि धूमल को हिमाचल के बजाय किसी अन्य राज्य से राज्यसभा का सदस्य बनाया जा सकता है अन्यथा उन्हें आगे चलकर किसी राज्य का राज्यपाल बनाया जाएगा। धर्मेंद्र प्रधान को किसी अन्य राज्य से लाने की चर्चा है। प्रकाश जावड़ेकर का महाराष्ट्र से दोबारा राज्यसभा में आना तय माना जा रहा है।

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