राजस्थान के घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस का देशभर में प्रदर्शन, दिल्ली में कई नेता गिरफ्तार

नई दिल्ली: राजस्थान राजनीतिक संकट को लेकर कांग्रेस आज देश के सभी राज्यों में राजभवनों के सामने धरना प्रदर्शन कर रही है। कांग्रेस ने पूरे देश भर में लोकतंत्र बचाओ संविधान बचाओ को लेकर धरना प्रदर्शन किया। कांग्रेस की दिल्ली इकाई के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को यहां प्रदर्शन किया।हालांकि, इन लोगों को पुलिस ने उस वक्त हिरासत में ले लिया जब इन्होंने उप राज्यपाल के कार्यालय की तरफ बढ़ने की कोशिश की। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार के नेतृत्व में पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।

कुमार ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन राजस्थान में बीजेपी के ‘लोकतंत्र एवं संविधान विरोधी कदमों’ के खिलाफ था। उन्होंने कहा, “हम उप राज्यपाल महोदय को बताना चाह रहे थे कि भाजपा और केंद्र की उसकी सरकार किस तरह से राजस्थान में लोकतंत्र की हत्या कर रही हैं। परंतु, दिल्ली पुलिस ने हमें उप राज्यपाल के कार्यालय की तरफ बढ़ने से पहले ही रोक दिया है।”

उप्र : राजभवन के सामने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसी गिरफ्तार

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश की इकाई ने प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। इसी के तहत सोमवार को लखनऊ में राजभवन के सामने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ के कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया भी मौजूद रहे। यह लोग पार्टी कार्यालय से राजभवन के गेट पर धरना देने लगे और ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ के नारे लगाने लगे। पुलिस के मना करने पर नहीं माने तो पुलिस ने प्रदर्शकारियों को जबरन वहां से उठाकर बाहर कर दिया और फिर भी नहीं माने तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

उधर, कांग्रेस कार्यालय से भी महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंह चौहान के अगुवाई में कार्यकर्ता राजभवन की ओर जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रोक दिया। नहीं मानने पर लाठी फटकार कर इधर-उधर करने का प्रयास किया। ज्ञात हो कि राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की बगावत के कारण राज्य में सियासी संकट में फंसी कांग्रेस ने आज सभी राज्यों में राजभवन के बाहर प्रदर्शन करने का एलान कर रखा था।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट की सियासी लड़ाई का मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है तो वहीं विधानसभा सत्र बुलाए जाने के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री गहलोत और राज्यपाल कलराज मिश्र के बीच पेंच फंस गया है। कांग्रेस ने कल सोशल मीडिया के जरिये ‘लोकतंत्र बचाओ संविधान बचाओ’ कार्यक्रम आयोजित कर कहा कि इससे उसके षड्यंत्र का पर्दाफाश हुआ है।

पार्टी के इस कार्यक्रम में कार्यसमिति के सदस्यों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, वरिष्ठ नेताओं, सांसदों तथा विधायकों ने हिस्सा लिया और सोशल मीडिया में वीडियो तथा मैसेज जारी कर राजस्थान के राज्यपाल से विधानसभा का सत्र बुलाने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि राज्यपाल भाजपा की सरकार बनाने और कांग्रेस की चुनी हुई सरकारें गिराने की साजिश कर रही है।

BSP ने 6 विधायकों को कांग्रेस के खिलाफ मतदान करने के लिए जारी किया व्हिप

बता दें कि राजस्थान में तेजी से बदलते सियासी घटनाक्रम के बीच मायावती ने भी बसपा विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के खिलाफ हाई कोर्ट में जाने की बात कही है। बसपा ने बीते रविवार को एक व्हिप जारी करते हुए पार्टी विधायकों को कांग्रेस के खिलाफ वोट देने की बात कही है। बसपा ने पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए छह विधायकों के मसले पर याचिका दायर करने की बात कही है।

पिछले साल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में कांग्रेस के सहयोगी दल बसपा के सभी छह विधायकों को पार्टी में शामिल कराया था जिसके बाद से बसपा मुखिया मायावती नाराज चल रहीं हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से 31 जुलाई से विधानसभा सत्र बुलाने की मांग भी राज्यपाल कलराज मिश्र ने खारिज कर दी है।

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