Covid Update: यूपी में सात दिन में कम हुए 50 हजार एक्टिव केस, नए मामलों में गिरावट जारी

लखनऊ: कोरोना के खिलाफ पूरे दम-खम से लड़ रहा उत्तर प्रदेश के लिए यह खबर राहत भरी है। बीते सात दिनों में यहां 50 हजार एक्टिव कोविड केस कम हुए हैं, जबकि रिकवरी दर हर दिन बेहतर होती जा रही है। यह हाल तब है जबकि प्रदेश में टेस्टिंग का महाभियान जारी है और हर दिन औसतन सवा दो लाख टेस्ट हो रहे हैं।

आंकड़ों की गवाही लें तो बीते 30 अप्रैल को कुल 03 लाख 10 हजार केस एक्टिव थे। यह कोरोना काल में अब का सर्वाधिक एक्टिव केस का आंकड़ा है। वही 07 मई को महज एक सप्ताह की अवधि में 55,000 एक्टिव केस कम हुए हैं। 24 अप्रैल को सर्वाधिक 38 हजार पॉजिटिव केस आये थे, तब से नए केस में लगातार गिरावट आ रही है। साथ ही, स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है।

रिकवरी दर बेहतर होती जा रही है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि विगत 24 घंटे में 2,41,403 कोविड टेस्ट किए गए हैं। इसी अवधि में 28,076 नए पॉजिटिव केस की पुष्टि हुई है, जबकि 33,117 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं। वर्तमान में 2,54,118 कुल एक्टिव केस हैं। इनमें 1,98,857 लोग होम आइसोलेशन में उपचाराधीन हैं।

एक्टिव केस में गिरावट और बेहतर होते रिकवरी दर को संतोषजनक बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-09 को टेस्टिंग क्षमता को और बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए गांव-गांव टेस्टिंग का महा अभियान चल रहा है। लोग इसमें सहयोग कर रहे हैं। निगरानी समितियां घर-घर जाएं, स्क्रीनिंग करें, होम आइसोलेशन के मरीजों को मेडिकल किट उपलब्ध कराएं। लक्षणयुक्त लोगों के बारे में आरआरटी को सूचना देकर उनका एंटीजन टेस्ट कराया जाए।

डीएम और सीएमओ यह सुनिश्चित करें कि टेस्ट की यह प्रक्रिया गांव में ही हो। सीएचसी/पीएचसी पर जाने की कोई अवश्यकता नहीं है। आरआरटी की संख्या में तीन से चार गुना बढ़ोतरी के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। कांटेक्ट ट्रेसिंग और बेहतर करने की जरूरत है।

हर मरीज को जरूर मिले मेडिकल किट
मुख्यमंत्री ने कहा कि होम आइसोलेशन में उपचाराधीन लोगों को समय से मेडिकल किट जरूर दी जाए।मुख्य सचिव कार्यालय और मुख्यमंत्री कार्यालय से इसकी समीक्षा की जाए। निगरानी समितियां जिन लोगों को मेडिकल किट दें उनका विवरण आईसीसीसी को उपलब्ध कराएं। आईसीसीसी इसका सत्यापन करे। इसके बाद सीएम हेल्पलाइन से इसका पुनरसत्यापन किया जाए।

ग़रीबों को मिलेगा मुफ़्त भोजन
वैश्विक महामारी के चुनौतीपूर्ण दौर में अपनी बहुआयामी भूमिका का निर्वाह करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर में सामुदायिक भोजनालय के संचालन की फिर एक नई पहल कर दी है। सरकार की इस पहल से प्रदेश में आंशिक कर्फ्यू के दौरान अब गरीबों को मुफ्त भोजन मिलने जा रहा है। लखनऊ, प्रयागराज और कानपुर में इस तरह के कम्युनिटी किचन की सेवाओं की शुरुआत हो रही है। अन्य जनपदों में भी कम्युनिटी किचन के संचालन का काम तीव्र गति से किया जा रहा है।

योगी सरकार राज्य में सामुदायिक भोजनालय के संचालन की जरूरत पर शुरुआत से जोर दे रही है। मुख्यमंत्री निर्देश दे चुके हैं कि आंशकि कोरोना कर्फ्यू के दौरान कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे और भूखा न सोए। कहीं भी किसी श्रमिक, ठेला, रेहड़ी व्यवसायी, दिहाड़ी मजदूर को भोजन की समस्या न हो। उनके इस आदेश के बाद कम्युनिटी किचन के संचालन का काम शुरू किया गया है। कोरोना संक्रमण की श्रंखला को तोड़ने के लिये सरकार लगातार जरूरी कदम उठा रही है। इस कड़ी में कृषि उत्पादन आयुक्त स्तर से कम्युनिटी किचन के संचालन की जिम्मेदारी संभाली जा रही है। औद्योगिक इकाइयों में भोजन के आवश्यकतानुसार प्रबंध किये जा रहे हैं। काई भी व्यक्ति भोजन के अभाव में परेशान न हो इसे सुनिश्चित किये जाने के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिये गये हैं।

कोविड अस्पतालों में भी की गई कम्युनिटी किचन की व्यवस्था
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कोरोना के गंभीर मरीजों के लिये विभिन्न जिलों में स्थापित किये जा रहे कोविड अस्पतालों में भी कम्युनिटी किचन की व्यवस्था सरकार की ओर से की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि बीमारी मरीजों को समय से इलाज मिले और उनके तीमारदारों को भोजन। किसी को भी भोजन के अभाव में कहीं भी कोई परेशानी न होने पाए।

ग्रामीण क्षेत्रों के क्वारंटीन सेंटरों में दिया जा रहा मुफ्त भोजन
कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सरकार का जोर शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों पर अधिक है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित किये गये क्वारंटीन सेंटरों में भी भोजन, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। इस क्रम में क्वारंटीन सेंटरों में भी किचन स्थापित कर यहां लोगों को भोजन और पेयजल की व्यवस्था में अधिकारी जुटे हैं।

सरकार के आह्वान पर स्वयंसेवी और सामाजिक संस्थाएं, व्यापारी भी आए आगे
योगी सरकार की ओर से गरीबों को मुफ्त भोजन देने की पहल में प्रदेश के व्यापारी, सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाएं भी आगे आई हैं। लखनऊ के कई अस्पतालों में उनकी ओर से भर्ती मरीजों के तीमारदारों को मुफ्त भोजन मुहैया कराया जा रहा है। श्रमिक, ठेला, रेहड़ी व्यवसायी, दिहाड़ी मजदूर के काम करने के स्थलों पर पहुंचकर उन्हें पेट पर भोजन कराया जाना शुरू हो गया है।

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