लोहिया संस्थान: नियुक्तियों में रिश्तेदारी का खेल, जानिए पूरा सच


लोहिया संस्थान के लगभग दस विभागों में असोशिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्तियों में रिश्तेदारी का खेल खेला गया है। सूत्रों का कहना है कि योग्य कैन्डिडेटों को दरकिनार करते हुए संस्थान में ही कार्यरत अधिकारियों/प्रोफेसरों की बेटी, दामाद और पत्नी को नियुक्त कर दिया गया है। एक वर्ष पूर्व निकाली गई वेकैंसी पर कुछ दिन पहले हुए इंटरव्यू के बाद नियुक्ति में धांधली का मामला सामने आया। डॉ. ए. के. ठक्कर की बेटी का आवेदन स्वीकार किया गया।

जानकारी के मुताबिक महिला एवं प्रसूति विभाग में डॉ. देवयानी मिश्रा, डॉ. पूजा गुप्ता और डॉ. चारू महाजन की नियुक्ति की गई है। डॉ. देवयानी कार्डिएक विभाग के एचओडी प्रोफेसर मुकुल मिश्रा की बेटी हैं तो डॉ. चारू सर्जिकल ऑनकोलॉजी के डॉ. आशीष सिंघल की पत्नी हैं। डॉ. पूजा संस्थान की पैथोलॉजी विभाग में तैनात डॉ. सुब्रत चंद्रा की पत्नी हैं। इसी तरह रेडियोलॉजी विभाग में डॉ. नेहा की नियुक्ति की गई जो संस्थान के ही डॉ. दीपक कुमार सिंह की पत्नी हैं।

डॉ. ज्योति जॉन का सेलेक्शन बायोकेमिस्ट्री विभाग में किया गया है जो फिजियोलॉजी विभाग के एचओडी प्रोफेसर एन. ए. जॉन की पत्नी हैं। जनरल मेडिसिन में डॉ. विक्रम सिंह और उनकी पत्नी डॉ. मृदु सिंह को एक साथ नियुक्त किया गया है। बाल रोग विभाग में कार्यरत डॉ. दीप्ति अग्रवाल के पति डॉ. शमरेंद्र को रेडियो डाइग्नोस्टिक विभाग में नियुक्त किया गया है तो हड्डी विभाग में नियुक्त किए गए डॉ. पंकज अग्रवाल न्यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर ए. के. ठक्कर के दामाद हैं। ऐसी और भी नियुक्तियां हैं, जो जांच होने पर सामने आएंगी।

अनुभव के बाद जो लोग नियुक्त नहीं हुए हैं उन लोगों ने नियुक्तियों में पक्षपात का आरोप लगाते हुए प्रमुख सचिव चिकित्सा रजनीश दुबे से शिकायत की है। डॉ. के. के. गुप्ता महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा के पास भी शिकायत की गई है। डॉ. गुप्ता का कहना है कि आरोपों के साथ कुछ दस्तावेज मिले हैं। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। देखना है यह केवल बयान बनता है या आगे बढ़ रहे एक संस्थान पर लगे इस कलंक को धोया जाता है।

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