चार राज्यों में समय से पहले चुनाव !

अखिलेश अखिल


नई दिल्ली: माना जा रहा है कि चार राज्यों में समय से पहले चुनाव हो सकते हैं। भीतर ही भीतर इसकी तैयारियां भी शुरू हो गयी है। महाराष्ट्र के मुख्य मंत्री फडणवीस ने जिस अंदाज में अपने विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए तैयार रहने को कहा है इससे साफ़ हो गया है कि वहाँ चुनाव समय से पहले होंगे। फडणवीस ने यहाँ तक कहा कि आगामी छह माह के भीतर राज्य में चुनाव की घोषणा हो सकती है।

लेकिन मामला अब केवल महाराष्ट्र का ही नहीं है। इसी सूचि में हरियाणा ,झारखण्ड भी शामिल बताया जा रहा है। इन दोनों राज्यों में अगले साल चुनाव होना है लेकिन एक साल पहले ही यहां चुनाव कराये जा सकते हैं। इसके साथ ही बिहार में भी चुनाव की संभावना बढ़ गयी है। वैसे बिहार विधान सभा का कार्यकाल 2020 तक का है लेकिन बिहार की राजनीति को देखते हुए वहाँ भी इसी साल चुनाव कराने को लेकर बीजेपी और जदयू एकमत है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चाहते हैं कि लोकसभा के साथ ही विधानसभा का चुनाव हो जाए।

उन्होंने इस बात का इशारा भी किया है, जिसे लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है कि आखिर क्यों वे जल्दी चुनाव चाहते हैं। उनकी विकास समीक्षा यात्रा को इसके साथ ही जोड़ कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि भाजपा के साथ सीटों के बेहतर तालमेल के लिए वे दोनों चुनाव साथ में कराना चाहते हैं। जदयू को उम्मीद है कि लोकसभा चुनाव में अगर बीजेपी की भारी जीत हो जाती है तो राज्य विधान सभा चुनाव में बीजेपी नीतीश कुमार को आगे बढ़ाने के लिए विधान सभा चुनाव में ज्यादा सीटे जदयू को दे देगी। बीजेपी इसतरह की राजनीती महाराष्ट्र में पहले कर चुकी है और शिवसेना को को विधान सभा चुनाव में ज्यादा सीटें दे चुकी है।

वैसे बिहार में लालू से नाता तोड़ने के बाद जदयू भी अब अपने पैरों पर या बीजेपी के साथ चुनाव जीतकर सरकार चलाना चाहती है। जदयू नहीं चाहती कि उस पर लालू के साथ चुनाव जितने का तोहमत लगता रहे। उधर झारखण्ड और हरियाणा में बीजेपी सरकार के प्रति लोगों में नाराजगी काफी बढ़ी हुयी है। सरकार में शामिल लोग भी रघुबर और खटटर की आलोचना करने से नहीं चूक रहे।

बीजेपी नहीं चाहती कि वहाँ अभी मुख्यमंत्री का चेहरा बदले। वह नए सिरे से सरकार बनाकर ही नए चेहरे के हवाले राज्य की बागडोर देना चाहती है। चुकी इन दोनों राज्य में दोनों मुख्यमंत्रियों के खिलाफ भारी आक्रोश है इसलिए बीजेपी चाहती है कि मोदी के नाम पर समय से पहले चुनाव कराकर चुनाव को जीता जा सकता है। इन राज्यों में जितना देर होगा पार्टी की हालत उतनी हो कमजोर होगी।

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