2022 तक हर परिवार के पास अपना पक्का मकान होगा: पीएम मोदी

नई दिल्ली: ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के लाभार्थियों से मंगलवार को बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2022 तक हिंदुस्तान के हर परिवार के पास अपना पक्का घर होगा। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र में 3 करोड़ और शहरी क्षेत्र में 1 करोड़ पक्के मकानों के निर्माण का संकल्प लिया गया है। प्रधानमंत्री ने आकंड़ों के जरिए दावा किया कि एनडीए सरकार ने पिछले चार सालों में जितने पक्के मकानों का निर्माण कराया है उतने मकानों का यूपीए सरकार ने 10 सालों में भी नहीं करा पाई थी ।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘हाउसिंग फॉर ऑल हमारा सपना और संकल्प है। करोड़ों लोगों के देश में यह संकल्प पूरा करना आसान नहीं है। चुनौती बड़ी है, लेकिन गरीब की जिंदगी ने मुझे यह निर्णय लेने यह हिम्मत दी है।’ यूपीए सरकार को निशाने पर लेते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘पहले परिवार और व्यक्तियों के नाम पर योजनाएं चलाई गईं इससे लोगों की भलाई कम हुई और राजनीति चमकाने की कोशिश अधिक हुई लेकिन अब ऐसा नहीं है अब सिर्फ लोगों की भलाई ही होती हैं। 2022 तक ग्रामीण क्षेत्रों में तीन करोड़ और शहरी क्षेत्र में 1 करोड़ मकान बनाएंगे। इतने बड़े लक्ष्य के लिए बजट बड़ा चाहिए। पहले हम बजट के अनुसार लक्ष्य बनाते थे अब हम पहले लक्ष्य तय करते हैं और फिर बजट देते हैं।’

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि ‘प्रधानमंत्री आवास योजना का फोकस हमने समाज के कमजोर वर्ग और महिलाओं पर किया है। दलित, पिछड़े, आदिवासी और दिव्यांगों की प्राथमिकता दी जा रही है। हम जमीन से जुड़े लोग हैं और सामान्य जन की पीड़ा को अच्छी तरह जानते हैं यही कारण है कि हम लोगों की जरूरत को ध्यान में रख कर काम कर रहे हैं। हम हमेशा सुनते रहे हैं कि एक घर बनाने में पूरी जिंदगी बीत जाती है। अब सरकार दूसरी है अब कहावत बदल गई है। अब जिंदगी बीतती है अपने ही आशियाने में।

पीएम ने कहा कि यदि कोई योजना का लाभ देने के लिए पैसे की मांग करे तो इसकी शिकायत करें। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विभिन्न विभागों को साथ लाया गया है। निर्माण सामग्री का व्यापार बढ़ रहा है। श्रमिकों को काम मिल रहा है। सरकार 1 लाख राज मिस्त्रियों को प्रशिक्षण दे रही है।’ उन्होंने कहा कि घर खरीदारों को ब्याज पर सब्सिडी दी जा रही है। खरीदारों के हक की रक्षा के लिए रेरा कानून लागू किया गया। अब बिल्डर धोखा करने से डरते हैं।

प्रधानमंत्री ने यूपीए और एनडीए के आकंड़ों की तुलना करते हुए कहा कि यूपीए सरकार के 10 साल में 13 लाख घरों को मंजूरी मिली। जबकि एनडीए सरकार ने चार साल में 47.5 लाख घरों को मंजूरी दी। पिछली सरकार के अंतिम चार साल में करीब 25.51 लाख घरों का निर्माण किया गया था। पिछले चार साल में 1.07 करोड़ घरों का निर्माण किया है, यानी 328 फीसदी की तेजी आई है। पहले मकान बनाने के लिए 18 महीने का समय तय था अब इसे 12 महीने में किया जा रहा है। गांवों में पहले मकान के लिए पहले न्यूनतम क्षेत्र 20 वर्गमीटर था, इसे हमने बढ़ाकर 25 वर्गमीटर कर दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पहले 70-75 हजार रुपये की मदद मिलती थी अब इसे बढ़ाकर सवा लाख कर दिया गया है। शौचालय के लिए अब 12 हजार रुपये अलग से दिए जा रहे हैं। पहले बिचौलिए पैसे खा जाते थे अब डीबीटी से लाभार्थियों के खाते में पैसे पहुंच रहे हैं।’

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