यूपी से राज्य सभा के लिए चुने जाएंगे वित्त मंत्री अरुण जेटली

द लखनऊ ट्रिब्यून ब्यूरो : खबर मिल रही है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली यूपी कोटे से ही राज्य सभा के सदस्य बनेंगे। जेटली अबतक गुजरात कोटे से राज्य सभा के सदस्य हैं और सदन के नेता भी। चुकी प्रधान मंत्री मोदी वारणसी सीट से लोकसभा सदस्य है और लोकसभा सदन के नेता भी ऐसे में जेटली के यूपी कोटे से आने की संभावना को देखते हुए माना जा रहा है कि अब यूपी के विकास योजनाओं को लेकर कोई अर्चन पैदा नहीं होने वाला। मोदी -योगी और जेटली मिलकर यूपी को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे। यह यूपी के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं।
बता दें कि अरुण जेटली  केंद्रीय वित्त मंत्री होने के साथ-साथ राज्यसभा में सदन के नेता भी हैं।  राज्यसभा में अभी वे गुजरात का प्रतिनिधित्व करते हैं।  लेकिन अब उनके बारे में चर्चा यह है कि राज्यसभा में अगला कार्यकाल उन्हें उत्तर प्रदेश के कोटे से मिलने वाला है।
अरुण जेटली का राज्यसभा में कार्यकाल दो अप्रैल को खत्म हो रहा है।  उनका अब तक का संसदीय सफर राज्यसभा के रास्ते ही चला है। कभी भी वे लोकसभा सांसद नहीं रहे। लेकिन जिस गुजरात से वे राज्यसभा सांसद हैं, वहां की राजनीतिक स्थिति हालिया विधानसभा चुनाव के बाद बदल गई है।
गुजरात से चार राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं. ये सभी भाजपा के पास हैं।  इन चार सांसदों में तीन 2012 में चुने गए थे और एक 2016 के उपचुनाव में।  ये चारों राज्यसभा सांसद भारतीय जनता पार्टी के हैं।  इनमें से तीन अरुण जेटली, पुरुषोत्तम रुपाला और मनसुख मांडविया केंद्रीय मंत्री हैं।  जबकि चौथे राज्यसभा सांसद हैं शंकरभाई वेगड।  हालिया विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा के विधायकों की संख्या घटकर 99 रह गई है।  उसे एक निर्दलीय विधायक का समर्थन भी हासिल है।  ऐसे में यह संभव नहीं लग रहा कि भाजपा राज्यसभा की चारों सीटें बरकरार रख सके।
ऐसे में माना जा रहा है कि इनमें से दो सीटें भाजपा को मिलेंगी और दो कांग्रेस को।  ऐसी स्थिति में भाजपा में चर्चा है कि अरुण जेटली को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेजा जाएगा और गुजरात की दो सीटें वहां के दोनों केंद्रीय मंत्रियों को दी जाएंगी।  इसकी वजह यह है कि ये दोनों मंत्री पटेल समाज के हैं और गुजरात में पिछले कुछ समय से भाजपा के प्रति पाटीदारों का गुस्सा बढ़ा है।  कहा जा रहा है कि ऐसे में भाजपा इन दोनों में से किसी का टिकट काटकर पटेलों को नाराज करने का जोखिम नहीं ले सकती।
गौरतलब है कि  उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं।  विधानसभा में भाजपा के पास जो संख्या बल है, उसे देखते हुए यह लग रहा है कि इन 10 सीटों में से आठ पर भाजपा कब्जा जमा सकती है।  एक सीट समाजवादी पार्टी के खाते में जाएगी।  आखिरी एक सीट के लिए जोड़-तोड़ चलेगा और इसमें जो जितना अधिक क्राॅस वोटिंग कराएगा, वह सीट उसके पाले में ही जाएगी।  भाजपा के अंदर अरुण जेटली को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेजने को लेकर सहमति बन सकती है।  हालांकि, गुजरात के अलावा कुछ और दूसरे राज्य हैं, जहां से भाजपा उन्हें राज्यसभा भेज सकती है।  लेकिन चर्चा है कि उत्तर प्रदेश से उनके राज्यसभा जाने की संभावना अधिक है।
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