चीन में शादी के लिए नहीं हैं लड़कियां, जानिये अब क्या होगा

द लखनऊ ट्रिब्यून ब्यूरो : चीन में शादी के लिए लड़कियों की भारी कमी है। यही वजह है की यहाँ कुंवारे लडकों की संख्या दिनोदिन बढ़ती जा रही है। इस कारण से देश में शादी के लिए दूसरे एशियाई देशों से अपहरण कर लड़कियां लाई जा रही हैं। एक अनुमान है कि साल 2020 तक चीन में चार करोड़ ऐसे लोग होंगे जिन्हें अपने देश में विवाह करने के लिए लड़कियां नहीं मिलेंगी।

चाइनीज एकेडमी ऑफ सोशल साइंसेज का अनुमान है कि 2020 तक चीन में चार करोड़ ऐसे लोग होंगे जिन्हें अपने देश में विवाह करने के लिए लड़कियां नहीं मिलेंगी। वहां लिंग अनुपात में भारी असमानता है और उसमें विसंगतियों के दुष्परिणाम अब दिखने लगे हैं। विवाह योग्य लड़कियों के अभाव में जो परिस्थितियां पैदा हुई हैं, उनका भरपूर लाभ चीन के कुछ दलाल उठा रहे हैं, जिन्हें ‘मानव तस्कर’ कहते हैं।

पूर्वी और दक्षिण-पूर्व एशिया में लड़के और लड़कियों का एक-दूसरे से मिलना आम बात है। ये लोग अक्सर दोस्त बनकर पब में जाते हैं। अनेक ऐसे मामले प्रकाश में आए हैं जब चीन के निकटवर्ती देशों से युवतियों को नशीली दवा देकर उनका अपहरण कर चीन के सीमांत प्रदेशों में लाया गया है। जब इन लड़कियों को होश आता है तब उन्हें बताया जाता है कि वे तो अपने देश से बाहर निकल गई हैं और अब चीन में आ गई हैं।

तब उनके सामने एक ही रास्ता बचता है कि वे चीन में किसी व्यक्ति से विवाह कर अपना घर बसा लें। बहुत सी लड़कियां महीनों तक इसका विरोध करती हैं और छटपटाहट में घरों में कैद रहती हैं। चीन में ऐसी सबसे ज्यादा लड़कियां वियतनाम से लाई जाती हैं। अन्य निकटवर्ती देशों जैसे लाओस, कंबोडिया, म्यांमार, मंगोलिया और उत्तरी कोरिया तक से मानव तस्कर लड़कियों को बहला फुसलाकर या नशीले पदार्थ पिलाकर चीन के सीमांत प्रदेशों में लाते हैं और उन्हें चीन में शादी करने के लिए मजबूर करते हैं।

उधर, मानवाधिकार और दूसरी संस्थाओं ने कई बार चीन की सरकार से कहा है कि वह इस तरह विवाह योग्य लड़कियों का पड़ोसी देशों से अपहरण नहीं कराए, परंतु बार-बार चीन की सरकार झूठ बोल जाती है और कहती है कि उसने अपने देश में इस कारोबार को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।

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