बाहुबली मुख़्तार अंसारी को फिर जेल में शिफ्ट किये जाने पर परिवारजनों ने जताया विरोध

लखनऊ : बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के स्वास्थ्य में ज्यादा कोई दिक्कत न होने के कारण उन्हें फिर से बाँदा जेल में शिफ्ट कर दिया गया है. जबकि उनके बेटे का आरोप है कि उनके अब्बा अभी पूरी तरह से स्वस्थ्य नहीं हुए हैं, लेकिन बीजेपी सरकार के दबाव में उन्हें फिर से जेल में शिफ्ट कर दिया गया है.

मालूम हो कि बृहस्पतिवार दोपहर संजय गांधी पीजीआई से मुख्तार अंसारी को डिस्चार्ज कर दिया गया. सुबह से ही यहां बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी मुस्तैद थी. बांदा पुलिस के अधिकारी व जवान भी गाड़ियों के साथ मौजूद थे. स्वास्थ्य कुछ गड़बड़ बताने के कारण मुख्तार को जेल की गाड़ी के बजाय एंबुलेंस से बांदा ले जाया गया. इससे पहले न्यू ओपीडी में उनकी आंखों की जांच की गई पीजीआई के निदेशक प्रो. राकेश कपूर का कहना है कि मुख्तार अंसारी की जांच में स्वास्थ्य संबंधी कोई गंभीर दिक्कत नहीं पाई गई। इसलिए उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया।

उधर, मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी ने कहा, हार्ट अटैक के बाद मरीज की स्थिति क्या होती है, उसका अंदाजा लगाया जा सकता है. अब्बा को अभी काफी कमजोरी है। इसके बावजूद भाजपा सरकार के मंत्रियों के दबाव में उन्हें दोबारा जेल में शिफ्ट किया जा रहा है.जिस समय पुलिस मुख्तार को बांदा ले जाने की तैयारी में थी, वहां मौजूद एक युवक उनके जिंदाबाद के नारे लगाने लगा. पुलिस ने विनोद नामक इस युवक को पकड़ लिया और थाने भेज दिया. उससे पूछताछ की जा रही है. हालांकि मुख्तार के परिवारजनों ने उस युवक से कोई संबंध न होने की बात कही है.

तीमारदार-मरीज हुए परेशान

मुख्तार अंसारी को हार्ट अटैक की आशंका के बाद मंगलवार शाम पीजीआई में भर्ती कराए जाने से लेकर बृहस्पतिवार को डिस्चार्ज किए जाने तक यहां भर्ती मरीजों और तीमारदारों को काफी परेशानी उठानी पड़ी. कभी उन्हें मुख्तार के गुर्गों की दबंगई झेलनी पड़ती तो कभी पुलिस की झिड़की. अस्पताल भवन के बाहर बने रैम्प पर बैठे मरीजों और उनके परिवारजनों को बृहस्पतिवार को पुलिस ने कई घंटे पहले सिर्फ इसलिए भगा दिया कि मुख्तार को उसी रास्ते से न्यू ओपीडी जाना था.

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