IAS अफसर की अनोखी कसम, 7 फेरे की जगह लिए 8 फेरे, खाई रिश्वत न लेने की कसम

भारत में हर युवा का सपना होता है कि वह पढ़ लिख करके एक अच्छी सरकारी नौकरी करें। एक सुखद जीवन के लिए हर व्यक्ति एक अच्छी नौकरी की तलाश करता है। लेकिन कुछ लोग नौकरी लग जाने के बाद अधिक कमाई के लालच में घूस एवं रिश्वत लेने लगते हैं। इन्हीं सारी चीजों से देश में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। यदि हर सोच ले कि रिश्वत नहीं लेनी है तो देश में भ्रष्टाचार पर रोक लग जाएगी ।और सरकारी दफ्तर के साथ साथ देश का भी रूप चमक उठेगा।

दोस्तों आज हम आपको एक ऐसे ही आईएएस अफसर के बारे में बताया जा रहे हैं जो रिश्वत ना लेने के जज्बे के साथ सरकारी अधिकारी बने हैं। हम बात कर रहे हैं आईएएस अफसर प्रशांत नागर की।

आईएएस प्रशांत नागर ने अपनी शादी में एक ऐसी कसम खाई जिसके जरिए उन्होंने समाज एवं देश के अनेक युवाओं को एक मिसाल पेश की है । आईएएस प्रशांत नागर एक जिम्मेदार और बेहतरीन आईएएस अधिकारी के साथ ही एक बहुत अच्छे इंसान भी हैं।अभी हाल में ही इनकी शादी हुई है।

प्रशांत नागर अयोध्या में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर नियुक्त हुए हैं। यह इस समय अपने पद एवं नौकरी को लेकर से नहीं बल्कि अपनी शादी को लेकर की सुर्खियों में बने हुए हैं। उन्होंने अपनी शादी में एक ऐसा काम किया है जिससे समाज को एक सकारात्मक संदेश पहुंच रहा है।

आपको बता दें कि प्रशांत नगर एक आईएएस अधिकारी होने के साथ एक जिम्मेदार नागरिक भी हैं। और अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाते भी हैं। इन्होंने अपनी शादी में बिल्कुल भी दिखावा नहीं किया है। और बहुत ही साधारण तरीके से सात फेरे लिए हैं ।आईएस प्रशांत ने दिल्ली के निवासी डॉ मनीषा भंडारी के साथ शादी की है ।इन्होंने लड़की वालों से केवल ₹ शगुन प्राप्त किया है।

सात फेरे की जगह लिए आठ फेरे

बता दें कि आईएस प्रशांत एवं डॉ मनीषा की शादी देश में लगे लॉकडाउन के दौरान ही हुई है। इसीलिए इन्होंने अपनी शादी में देश में चल रहे लॉकडाउन के सभी नियमों का पालन किया है। इन के बारात में केवल 11 लोग ही मौजूद थे। उन्होंने अपने रिश्तेदारों एवं अन्य दोस्तों को सोशल मीडिया के द्वारा अपनी शादी की जानकारी प्रदान की। और लोगों ने इन्हें सोशल मीडिया के द्वारा ही शुभकामनाएं और नए जीवन के लिए बधाई प्रेषित की हैं ।

जहां एक और प्रशांत और मनीषा ने अपनी शादी के जरिए समाज और देश को दहेज न लेने के लिए एक संदेश दिया देते हुए एक मिसाल पेश की है । वही दूसरी और उन्होंने अपनी पत्नी साथ सात के बजाय 8 फेरे भी लिए हैं । आपको बता दें कि प्रशांत नागर ने आठवें फेरे पर वचन के तौर पर अपनी नौकरी के दौरान कभी भी जीवन में रिश्वत ना लेने की सौगंध ली है।

देहेज के विरोधी है प्रशांत और उनका परिवार

प्रशांत इन दिनों अपनी सकारात्मक सोच एवं ईमानदारी के लिए सुर्खियां बटोर रहे हैं प्रशांत नागर ने इसी साल मई में अपनी माँ को भी खोया है। जिसकी वजह से वह इमोशनली काफी वीक हैं। इनके पिता रणजीत नागर भी दहेज प्रथा के सख्त विरोधी हैं। प्रशांत एवं इनके पिता ने कन्या पक्ष से किसी भी तरह का दहेज नहीं मांगा है ना ही स्वीकार किया है ।

इतना ही नहीं आपको बता दें कि प्रशांत के पिता रणजीत नागर ने अपनी बेटी और प्रशांत की बहन की शादी में भी दहेज नहीं दिया था। इन्होंने अपनी बेटी और उसके पति को आशीष के तौर पर ₹101 का ही शगुन प्रदान किया था। उनका मानना है कि शादी में फिजूलखर्ची करना कहीं से भी समझदारी नहीं है। उन पैसों को सहेज कर किसी गरीब व जरूरतमंद लड़की को नया जीवन दिया जा सकता है ।।उसका विवाह संपन्न कराने की कोशिश की जा सकती है।

जहां एक और देश में दहेज लोभीयों की की कमी नहीं है वहीं दूसरी ओर प्रशांत एवं उनके पिता जैसे लोग देश में एक सकारात्मक संदेश प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं। लोगों को इनको उदाहरण के तौर पर देखना चाहिए और इनसे सीखना चाहिए । ऐसे ही लोगों के द्वारा समाज की यह सोच का अंत हो सकता है कि बेटी एक बोझ है।

प्रशांत ने देश के दो कुरीतियों का खंडन किया है ।एक तरफ इन्होंने दहेज प्रथा का विरोध करते हुए एक नई प्रेरणा लोगों को दी है ।वहीं दूसरी ओर इन्होंने रिश्वत ना लेने की सौगंध ले कर के देश के युवाओं को ईमानदार एवं निष्ठावान बने रहने की सीख दी है।

विधायक ने कि प्रशांत की प्रशंसा

आपको बता दें कि आईएएस अधिकारी प्रशांत नागर के इस पहल की सराहना तिगांव विधानसभा के पूर्व विधायक ललित नागर ने की है। उन्होंने कहा है कि इस तरह के विवाह एवं इस तरह के व्यक्ति समाज को आईना दिखाने का कार्य करते हैं। शादी में दहेज लेना और दहेज देना दोनों ही उचित नहीं है। समाज को इसके प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है। ऐसे ही उठे कदमों से और ऐसे ही विचारों से दहेज प्रथा का अंत होगा।

बता दें कि प्रशांत नागर वर्ष 2019 बैच के यूपी कैडर के आईएएस ऑफिसर है, और वर्तमान में उत्तर प्रदेश के अयोध्या में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर नियुक्त हुए हैं। इनका विवाह 20 जून को दिल्ली के बुराड़ी निवासी रमेश कुमार की पुत्री डॉक्टर मनीषा के साथ संपन्न हुआ है।

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