यूपी में लड्डू गोपाल भी स्कूल में कर रहें पढ़ाई, क्लास में लगी अलग कुर्सी, स्कूल प्रशासन ने माफ़ कर दी फीस

जालौन: कहते हैं कि भगवान तो भक्‍त के वश में होते हैं। भक्‍त जैसे और जिस रूप में चाहें उन्‍हें देखें और अपनी श्रद्धा, आस्‍था, भक्ति भाव प्रदर्शित करें। ऐसे ही जालौन की निधि राजावत ने ‘लड्डू गोपाल’ (भगवान कृष्ण का बालरूप) के 5 साल के होने पर उनका प्रेप में एडमिशन करा दिया है। ‘लड्डू गोपाल’ यूनीफार्म, बस्‍ता, लंचबॉक्‍स और वॉटर बॉटल के साथ स्‍कूल पहुंचे तो छात्राओं ने पुष्‍प वर्षा से उनका स्‍वागत किया। क्‍लास में ‘लड्डू गोपाल’ के लिए अलग से कुर्सी और मेज लगवाई गई है।

उरई के एनएसटी पब्लिक स्‍कूल में हर कोई अपने बीच ‘लड्डू गोपाल’ जैसा विद्यार्थी पाकर खुश है। क्षा प्रेप में उनका दाखिला हो गया। नाम लिखा गया-माधव। उनकी मेज-कुर्सी बाकी छात्रों से अलग लगाई गई है। माधव सप्ताह में एक दिन स्कूल आएंगे। निधि स्कूल में पढ़ाए गए पाठ का अभ्यास उन्हें रोज घर में कराएंगी।

यह भगवान और भक्त के रिश्ते की नई कहानी नहीं है। प्राय: कृष्ण भक्त परिवारों में ऐसा होता है, लेकिन जालौन वाले पहली बार लड्डू गोपाल को स्कूल जाते देख रहे हैं। स्कूल में माधव के सहपाठी बहुत उत्साहित हैं। शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी यह ‘नया छात्र’ बहुत भा गया है। स्कूल के शिक्षक बताते हैं कि माधव पहले दिन स्कूल आए। गले में आईकार्ड, स्कूल ड्रेस में सुसज्जित, लंच बॉक्स, पानी की बोतल, बस्ता सब उनके साथ था। स्कूल में फूल बरसा कर उनका स्वागत हुआ।

जालौन के मोहल्ला खंडेराव की निधि राजावत के दो बच्चे प्रद्युम्न और पायल हैं। दोनों उरई के एक स्कूल में पढ़ते हैं। माधव अभी छोटे हैं, उन्हें स्कूल बस से अकेले नहीं भेजना चाहतीं, इसलिए निधि ने उन्हें जालौन में ही पढ़ने भेजना शुरू किया है। किसान परिवार की निधि ने कहा कि हर अभिभावक बच्चे को पांच साल की उम्र में स्कूल भेजता है। मैंने भी अपने माधव को स्कूल भेजना शुरू किया है।

भगवान के प्रति निधि की श्रद्धा और अपार स्नेह देख विद्यालय प्रबंधन ने माधव के एडमीशन पर कोई फीस नहीं ली है। विद्यालय उन्हें मुफ्त पढ़ाएगा। विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं ने कहा- कान्हा जी हमारे साथ पढ़ रहे हैं, इससे हम सब बहुत खुश हैं।

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