और बढ़ेगी महंगाई, अरुण जेटली ने पेश किया आर्थिक सर्वे, जानिए क्या खास है इसमें

द लखनऊ ट्रिब्यून ब्यूरो : केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2०18-19 का आर्थिक सर्वे सोमवार को लोकसभा में पेश कर दिया। इसके अनुसार जीडीपी ग्रोथ 7 से 7.5 फीसद रहने की संभावना है। इसमें कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई गई है। इसके इस साल 12 फीसद और महंगा होने का अनुमान है। अगर इसकी रफ्तार ऐसी ही रही तो यह महंगाई बढ़ा सकता है।

इसके साथ ही निजी ग्रामीण भारत पर फोकस बढ़ाने की बात इस सर्वे में कही गई है। यह जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के बाद पहला आर्थिक सर्वे है। गौरतलब है कि वित्त मंत्री 1 फरवरी 2०18 को वित्त वर्ष 2०18-19 के लिए आम बजट पेश करेंगे। आइए जानते हैं आर्थिक सर्वे की खास बातें…

– वित्त वर्ष 2०19 में जीडीपी ग्रोथ 7 से 7.5 फीसद रह सकती है। वित्त वर्ष 2०18 में रह सकती है 6.75 फीसद।
– सरकार का इस बार मुख्य फोकस रोजगार, शिक्षा पर रहने की उम्मीद है।
– सर्विस ग्रोथ 8.3 फीसद रहने का अनुमान।
– इस बार नोटबंदी और जीएसटी के लागू होने के बाद टैक्सपेयर्स की संख्या में 5० फीसद का इजाफा हुआ है।
निजी निवेश में तेजी की तैयारी।
– 18 में कृषि ग्रोथ 2.1 फीसद रहने का अनुमान।
– अगले वित्त वर्ष अर्थव्यवस्था में सुधार दिखेगा।

क्या होता है आर्थिक सर्वे
सालाना आर्थिक सर्वेक्षण (इकोनॉमिक सर्वे), आम बजट से पहले पेश किया जाता है। इकोनॉमिक सर्वे, वित्त मंत्रालय की ओर से पेश की जाने वाली आधिकारिक रिपोर्ट होती है। इस रिपोर्ट में बताया जाता है कि साल भर विकास का रुझान और कैसा रहा। सर्वे के तहत देश की आर्थिक हालत का ब्योरा पेश किया जाता है। सालभर में विकास का क्या ट्रेंड रहा, किस क्षेत्र में कितना निवेश हुआ-विकास हुआ, योजनाओं को किस तरह अमल में लाया गया जैसे सभी पहलुओं पर इस सर्वे में सूचना दी जाती है। सर्वे एक विशेष टीम तैयार करती है। आर्थिक सर्वेक्षण, मुख्य आर्थिक सलाहकार के साथ वित्त और आर्थिक मामलों की जानकारों की टीम तैयार करती है। इस साल के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रहमण्यम हैं।

क्या कहा नीति आयोग ने
नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि अगले साल आर्थिक विकास दर 8 फीसद तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में अभी भी दिक्कतें बाकी हैं, ऐसे में अपेक्षा है कि बजट में वित्त मंत्री का फोकस इस ओर जरूर होगा। कर संग्रह पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अप्रत्यक्ष कर संग्रह में 5० फीसद का इजाफा हुआ है। साथ ही आगे भी जीएसटी राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

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