कड़क योगी की सुस्त पुलिस, डकैत फायरिंग करते रहे, खबर मिलने पर भी नहीं पहुंची पुलिस

लखनऊ : सूबे में बदमाशों और डकैतों ने आतंक मचा रखा है. पिछले एक हफ्ते से यूपी की राजधानी में दहशत मची हुई है। बावजूद इसके योगी की पुलिस आतंक का पर्याय बने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने में नाकामयाब साबित होते दिख रही है। काकोरी के कटौली और बनियाखेड़ा गांव में असलहों से लैस दर्जन भर डकैतों ने रविवार तड़के खूब तांडव मचाया। डकैत सबसे पहले ग्राम प्रधान हरिशंकर यादव के घर पहुंचे। यहां लोगो ने विरोध किया तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी।जिसके चलते प्रधान के बेटे गुड्डू की मौत हो गयी जबकि वहां पहुंचे छह ग्रामीण घायल हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि बदमाशों के फायरिंग करते ही उन लोगो ने पुलिस को फोन मिलाना शुरू कर दिया था, लेकिन पुलिस डेढ़ घंटे बाद पहुंची। पुलिस ने घायलों को ट्रामा सेंटर मे भर्ती कराया।

इसके बाद आईजी जेएन सिंह, एसएसपी दीपक कुमार समेत आधा दर्जन थानों की पुलिस पहुंची। दो घंटे तक कॉम्बिंग की गई पर कोई पकड़ मे नही आया। अभी यह नही पता चल सका है कि बदमाशों ने कितनी लूटपाट की है। इस घटना से पूरे गांव मै दहशत फैल गयी है। मामले को शांत करने के लिए पुलिस ने काकोरी एसओ को निलंबित कर दिया है। पिछले एक हफ्ते से बदमाशों ने राजधानी लखनऊ को भी नहीं बख्शा है। कहीं दिनदहाड़े हत्या हो रही है, तो कहीं डकैती पड़ रही है। लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धर कर बैठी है. जिसको लेकर शहर की जनता में आक्रोश व्यापत है। गौरतलब है कि दो दिन पहले चिनहट के उत्तरधौना गांव के दो घरों में पड़ी डकैती का खुलासा भी अभी तक राजधानी पुलिस नहीं कर सकी है।

पीड़ित ठेकेदार ने जिस पड़ोसी को नामजद किया था, उसके हाथ में भी छर्रे लगे मिले। अब तक की पड़ताल में पुलिस इसी नतीजे पर पहुंची है। यही वजह है कि पुलिस ने अभी नामजद आरोपी को जेल नहीं भेजा है। एएसपी नॉर्थ का कहना है कि पड़ोसियों के खिलाफ अभी तक कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिला है। घुमन्तू गिरोह के सदस्यों की तलाश में तीन जिलों में दबिश दी गई है। लेकिन पुलिस के हाथ कोई पुख्ता सबूत हाथ नहीं लगे हैं। पुलिस का अनुमान है कि घरों में डकैती घुमन्तू गिरोह ने ही डाली थी।

दरअसल पुलिस इस बिन्दु को भी देख रही है कि जहां पर डकैती पड़ी है, वहां घर की स्थिति को देख कर ऐसा नहीं लगता है कि यहां से ढाई लाख रुपये और जेवर लूटे गये। पर, घटना हुई है, लिहाजा कई अन्य बिन्दुओं पर भी पड़ताल की जा रही है। इसी कड़ी में पुलिस अफसरों ने शनिवार को फिर से घटनास्थल का निरीक्षण किया। पीड़ित परिवार से बात की। इन लोगों ने शुक्रवार को जो बताया था, वही बात शनिवार को भी दोहरायी। सीओ गोमती नगर दीपक कुमार सिंह का कहना है कि घुमन्तू गिरोह पर ही सबसे ज्यादा शक है। लखनऊ की उन पुरानी घटनाओं का ब्योरा निकलवाया गया है जिनमें घुमन्तू गिरोह का हाथ था और इनके सदस्य इस समय जेल से बाहर है।

पड़ोसी की भी हुई जांच-पड़ताल

पीड़ित ठेकेदार दीनानाथ चौहान ने अपने पड़ोसी प्रेम सागर और उसके साथियों पर डकैती डालने का शक जताते हुये एफआईआर करायी थी। इनसे उनका पुराना विवाद चल रहा है। पर, जब पुलिस ने पड़ताल की तो सामने आया कि प्रेम सागर के हाथ में भी चोट लगी है। प्रेम सागर ने बताया कि बदमाशों ने डकैती के दौरान जब फायरिंग की थी, तो गोली के छर्रे उसके हाथ में भी लग गये थे। पुलिस का भी कहना है कि प्रेम सागर के हाथ पर गोली लगने के निशान मिले हैं। इससे साफ है कि उसने घटना को अंजाम नहीं दिया है। उसके खिलाफ कोई सुबूत भी नहीं मिले हैं। लेकिन पीड़ित ठेकेदार रट लगाये हुये है कि प्रेम सागर ने ही यह वारदात करायी है। लिहाजा उसे व उसके दो साथियों को हिरासत में लिया गया है।

घुमन्तु गिरोह पर क्यों गहराया शक ?

ठेकेदार दीनानाथ ने पुलिस को बताया था कि बदमाशों ने जब उनके घर धावा बोला था, तब विरोध करने पर फायरिंग कर दी थी जिसमें बहू सोनी के गोली लग गई थी। फिर बदमाश उनकी बेटियों रीना और राधा को बन्दूक के दम पर अगवा कर ले गये थे। हालांकि पुलिस को सख्त देखकर बदमाश दोनों बेटियों को थोड़ी दूर खेत में छोड़ गये थे। पुलिस ने शनिवार को इन दोनों से फिर पूछताछ की तो इन लोगों ने बताया कि बदमाश अजीब भाषा में बोल रहे थे। वह उनकी भाषा को नहीं समझ पा रही थी। इसी आधार पर पुलिस और कह रही है कि बदमाश घुमन्तु गिरोह से जुड़े हुये हैं।

दोनों घरों के बीच का रोड मैप बनाया

बदमाशों ने ठेकेदार दीनानाथ के घर से 300 मीटर दूर मेडान रेजीडेंसी के पास किसान श्रीकृष्ण के घर पर भी धावा बोला था। यहां पर बदमाशों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दरवाजा खुलवाया था। यहां बदमाशों ने श्रीकृष्ण को पीट-पीट कर घायल कर दिया था और मदद को पहुंचे उनके मामा कल्लू पर भी फायरिंग की थी। कल्लू को कई छर्रे लगे थे। उनकी हालत ठीक है। पुलिस ने शनिवार को इन दोनों के घरों के बीच का रोडमैप बनाया। इससे पता किया कि बदमाश किन रास्तों से आये होंगे और किधर से भागे। पुलिस की दो टीमें सादे कपड़ों में भी इलाके में शनिवार को दिनभर मंड़राती रही ताकि कहीं से उन्हें कोई पुख्ता सुराग मिल जाये। बहरहाल पुलिस के लिए अब ये डकैती की वारदातें गले की फांस बन गयी हैं।

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