वाजपेयी जी भतीजी करूणा शुक्ला ने किया भाजपा के अटल प्रेम का भंडाफोड़!

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी व बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुई करुणा शुक्ला ने कहा कि अटल जी के निधन के बाद बीजेपी फायदे की राजनीति कर रही है। करुणा शुक्ला ने नया रायपुर का नाम अटल नगर करने और उनके नाम भुनाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। करुणा शुक्ला ने कहा कि इस साल कुछ राज्यों में चुनाव होने वाले हैं और भाजपा को अपनी नैया डूबती हुई दिखाई दे रही है तो अचानक उन्हें वाजपेयी तिनके का सहारा दिखने लगे हैं।

करुणा ने कहा कि नया रायपुर से लेकर विश्वविद्यालय का नाम अटल बिहारी वाजपेयी रखने का फैसला मुख्यमंत्री रमन सिंह ने लिया है, वह बताएं कि इससे पहले 10 साल में कितनी बार उन्होंने अटल को याद किया। प्रदेश की जनता यह आडंबर समझती है। अटलजी की प्रतिमाएं लगाने का मकसद केवल वोट की राजनीति है। उन्होंने कहा कि अटल के जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा, राजीव और सोनिया गांधी तक से आत्मीय संबंध थे लेकिन आज भाजपा मानवीय संबंधों का सम्मान करना भूल चुकी है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण लाल कृष्ण आडवाणी का पार्टी में हो रहा अपमान है।’

वाजपेयी जी की भतीजी ने कहा कि बीजेपी अब सिद्धांत, आदर्श, मर्यादा वाली पार्टी नहीं रह गई है जिस अटल को भाजपा के नेताओं ने जीते-जीते मार दिया था उस अटल की मौत को अब भाजपाई भूनाने में लग गए हैं यह मेरे लिए बहुत ही पीड़ादायक है मैं भाजपा की इस खोखली राजनीति से बहुत आहत हूं मुझे सरकार के इस दिखावेपन पर शर्म आ रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अटल जी की अंतिम यात्रा में 5 किलोमीटर चलने के बजाय अगर नरेंद्र मोदी दो कदम भी उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलते तो देश के लिए अच्छा होगा।

बता दें कि बीजेपी अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियों की कलश यात्रा पूरे देश भर में निकाल रही है। बुधवार (22 अगस्त) को दिल्ली में पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह सभी प्रदेश अध्यक्षों को अस्थि कलश सौंपे थे। प्रदेश अध्यक्ष इन कलश को अपने राज्यों में ले जाएंगे, जहां अस्थि यात्राएं निकाली जाएंगी और श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया जाएगा। पूर्व प्रधानमंत्री की इस कलश यात्रा के लिए राजधानियों, जिलों और तालुकों में भी कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।

गौरतलब है कि 93 साल के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का 16 अगस्त को एम्स में निधन हो गया था। 18 अगस्त को अटल जी दिल्ली के स्मृति स्थल पर पंचतत्व में विलीन हो गये। कट्टर पार्टी के उदारवादी चेहरे वाजपेयी ने 1990 में पहली बार पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने में सफलता हासिल की थी। स्वास्थ्य संबंधी समस्या की वजह से लगभग एक दशक से सार्वजनिक जीवन से दूर 93 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री 11 जून से अस्पताल में भर्ती थे।

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