लालू के ट्वीट पर जदयू का शायराना अंदाज में पलटवार

पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद द्वारा ट्विटर के जरिए विरोधी दलों पर काव्यात्मक लहजे में निशाना साधे जाने पर बिहार में सत्ताधारी जनता दल (युनाइटेड) ने भी उसका शायराना अंदाज में पलटवार किया है। चारा घोटाले के एक मामले में रांची की जेल में बंद लालू ने काव्यात्मक शैली में सोमवार को विरोधियों पर निशाना साधते हुए ट्वीट कर लिखा था, “रौंदोगे तो हिमाला बनूंगा, विष दोगे तो शिवाला बनूंगा। उधेड़ोगे तो दुशाला बनूंगा, जलाओगे तो उजाला बनूंगा। दफनाओगे तो निवाला बनूंगा। लालू लाल है बिहार का, जन्म-जन्मांतर तक इस मिट्टी का रखवाला बनूंगा।”

इधर, जद (यू) के प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने मंगलवार को लालू के ट्वीट पर पलटवार करते हुए शायराना अंदाज में ही लालू को बिहार की राजनीति का कलंक तक करार दे दिया। नीरज ने बेनामी संपत्ति अर्जित करने के मामले में तंज कसते हुए शायराना अंदाज में कहा, “सत्ता दोगे तो उन्मादी बनूंगा। सत्ता का अमृत दोगे तो परिवारवादी बनूंगा। मौका मिलेगा तो संपत्ति की श्रृंखला बनाऊंगा। सत्ता मिली तो नरसंहार करवाऊंगा। लालू राजनीतिक कलंक है बिहार का जन्म-जन्मांतर तक भ्रष्टाचार को शिष्टाचार बनाने वाले के रूप में याद किया जाता रहूंगा।”

यह भी देखें: ‘आप’ के अयोग्य ठहराए गए विधायकों ने अर्जी वापस ली

इससे पहले राजद के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद के ‘अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए राजनीति में आया हूं’ बयान पर भी जद (यू) के नेता नीरज ने तेजस्वी पर निशाना साधा। नीरज ने तेजस्वी यादव को सलाह देते हुए कहा, “पूर्व उपमुख्यमंत्री जी, उन गरीबों के अन्याय के खिलाफ भी लड़ने का विचार कीजिए, जिनसे नौकरी और पद के नाम पर लालू जी ने उनकी जमीन लिखवा ली। उन्हें भी न्याय मिलना चाहिए।” जद (यू) नेता ने तंज कसते हुए कहा कि वे लोग आपकी ओर बड़ी आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं, जिन्होंने आपके पिता (लालू) के राजनीतिक जीवन काल में अपनी जमीन-अपना परिवार खोया है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
Loading...
E-Paper