काकोरी में ग्रामीणों का उठा पुलिस से भरोसा, खुद दे रहे पहरा

काकोरी: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के काकोरी में डकैती के तीन दिन बाद भी कटौली व बनियाखेड़ा गांव में दशहत कम नहीं हुई है। इससे सटे गांव जमालनगर, लीलाखेड़ा व हसनखेड़ा में भी दहशत का माहौल है। आम की बागों,जंगलो व बेहता नाले से घिरा होने से गांवों में दहशत और भी ज्यादा बढ़ गयी है। सोमवार को अंधेरा होते ही क्षेत्र में फायरिंग की सूचना से और भी दशहत बढ़ गयी।

ग्रमीणों ने बताया कि पहले की अपेक्षा अब आधे से भी कम पुलिसकर्मी गांव में नजर आ रहे हैं। गांव के लोग टुकड़ी बनाकर देर रात तक पहरा दे रहे हैं।मण्डौली गांव निवासी आढ़ती आरिफ ने बताया कि दुबग्गा मंडी पर आढ़त है, जिस पर आसपास के गांव के लोग ही माल लाते हैं। डकैती की वजह से किसान डरे सहमे हैं। आढ़त पर माल भी कम आ रहा है, जहां पहले तड़के सुबह जाते थे और देर से आते थे, वहीं अब दिन के उजाले में काम कर रहे हैं।

फिलहाल तो तीन दिन से काम बिलकुल ठप है। बनिया खेड़ा के राजगीर राजू वर्मा ने बताया कि एक तो काम ऐसे नहीं मिल रहा था। इस डकैती की वजह से घर से कहीं जा भी नहीं पा रहे हैं। रात भर जाग कर घरों व अपनों की सुरक्षा करनी पड़ रही है। मजदूर गुड्डू ने बताया कि तीन दिन से काम पर नहीं जा रहे हैं, क्योंकि काम पर जल्दी जाना पड़ता था और देर से वापसी होती है। कटौली के रामगोपाल ने बताया कि परिवार के बच्चे सुजीत, पम्मी व लवकुश स्थित मॉल में सेल्समैन का काम करते हैं, जहां से देर रात वापसी होती थी। दहशत की वजह से काम पर नहीं जा रहे हैं।

फकीरे लाल ने बताया कि रात के 10.30 बजे से भोर में 3.30 बजे तक जाग कर सुरक्षा करनी पड़ रही है। जमालनगर गांव निवासी दिलीप ने बताया कि चार दिन से मजदूरी पर नहीं गये हैं, क्योंकि रात में वापस आना पड़ता है। कटौली गांव के राकेश रावत व संदीप ने बताया कि पुलिस बहुत लापरवाह है, जिससे लोग दहशत में हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हम लोग झुण्ड बना कर गश्त कर रहे है।

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