मां-पिता डीएम, नन्हा बेटा आंगनवाड़ी में

उत्तराखंड। हर किसी का ख्वाब होता है कि वह अपने बेटे-बेटियों को अंग्रेजी माध्यम के नामी स्कूल में पढ़ाये, लेकिन ऐसे स्कूलों में दाखिला अमूमन उन्हीं के बच्चों को मिल पाता है, जिनके पास भरपूर पैसा हो, ठीक-ठाक नेता हो या अधिकारी हो। ऐसे में अगर किसी जिले का सबसे बड़ा अधिकारी अपने बच्चे का दाखिला आंगनवाड़ी में कराये, तो वह चर्चा का विषय तो बनेगा ही, आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए मिसाल भी बनेगा।

यह मिसाल पेश की है चमोली की जिलाधिकारी स्वाति भदोरिया ने। उन्होंने अपने दो साल के बेटे अभ्युदय को शहर के किसी महंगे स्कूल में न भेज कर गोपेश्वर गांव में स्थित आंगनवाड़ी केन्द्र में दाखिल कराया है। उनका मानना है कि आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों के विकास के लिए जरूरी सभी प्रकार की सुविधाएं और समग्र वातावरण मौजूद है। इन केन्द्गों में शिक्षा, खेल और खाना सब साथ-साथ चलता है। आंगनवाड़ी में उनका बेटा भी अन्य बच्चों के साथ बहुत ही अच्छा महसूस कर रहा है।

बेटे को आंगनवाड़ी केन्द् भेजने के पीछे कौन सी खास बात है, के जवाब में उनका कहना था कि ऐसे वातावरण में सारी चीजें आपस में साझा की जाती हैं। ऐसे वातावरण में बेटा बड़ा होगा, तो उसमें चीजों को आपस में साझा करने की प्रवृत्ति का विकास होगा। उन्होंने इसे यूं समझाया, ‘मेरे बेटे ने अपने सहपाठियों के साथ खाना खाया और जब वह घर लौटा, तो काफी प्रसन्न दिखाई दे रहा था।’

उन्होंने अपने इस निर्णय के पीछे एक कारण यह भी बताया कि उनके इस कदम से आंगनवाड़ी केन्द्रों के प्रति आम दृष्टिकोण में भी बदलाव आएगा। अभ्युदय के पिता नितिन भदोरिया भी जिलाधिकारी हैं। वह अल्मोड़ा में पदस्थ हैं।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper