महिलाओं को श्रृंगार किट, पुरुषों को पैंट-शर्ट

9० सदस्यीय छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में मतदान दो चरणों 12 नवम्बर और 2० नवम्बर को होंगे। ऐसे में दशहरा और दिवाली के त्योहार निकल जाएंगे, लेकिन इन त्योहारों के मद्देनजर नेताओं ने मतदाताओं को लुभाने के लिए उन्हें गिफ्ट देना शुरू कर दिया है। गिफ्ट में महिलाओं को श्रृंगार का पूरा किट, तो पुरुषों को मौसम को देखते हुए शॉल, पैंट-शर्ट के साथ नगदी भी बंटने की खबर है।

महिलाओं को दिए जा रहे बैग में चांदी की पायल, साड़ी, लिपस्टिक, डव साबुन से लेकर बिंदी आदि शामिल हैं। कुछ प्रत्याशियों ने जहां ये सारा सामान बड़े शहरों से ऑर्डर देकर मंगवाया है, वहीं शहर के भी होलसेलर ऑर्डर के हिसाब से उनकी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। बल्क में दिए जा रहे गिफ्ट के बारे में सिर्फ उन्हीं लोगों को पता होता है, जिन्हें यह दिया जाना है या फिर जो दे रहे हैं। इसी क्रम में रायपुर में पिछले एक सप्ताह के दौरान कहीं साड़ियां, कहीं बैग में चार-पांच अलग-अलग प्रकार के सामान, तो कहीं चप्पलें बांटी गईं।

सूत्रों के मुताबिक इस तरह के सामान वही जनप्रतिनिधि बांट रहे हैं, जिनकी टिकट लगभग पक्की है। यह काम स्थानीय जनप्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं के जरिए कराया जा रहा है। ज्यादातर गिफ्ट बीपीएल श्रेणी के लोगों में बांटे जा रहे हैं। गिफ्ट बांटने का काम किसी खास स्थान पर किया जा रहा है। इन स्थानों का पता गुपचुप तरीके से महिलाओं तक पहुंचाया जा रहा है। एक इलाके की महिलाएं आटो में भर कर गिफ्ट लेकर पहुंचीं, तो इसकी भनक लगते ही दूसरी महिलाएं उनके घर पहुंच गईं। उन्हें गिफ्ट पैक नहीं मिले, तो वे नाराज होकर लौट गईं।

आचार संहिता लगने के दूसरे दिन ही सरगुजा में वोटरों को बांटने के लिए मंगाई गई शॉल व साड़ियां जब्त की गईं। घुटरापारा में 15 शॉल व 18 साड़ियां लावारिस पड़ी मिलीं। चर्चा है कि इन्हें एक बड़ी राजनीतिक पार्टी के लोगों द्बारा मंगवाया गया था। बांटे जा रहे सामान में न तो किसी प्रत्याशी का नाम है और न ही किसी पार्टी का चुनाव चिन्ह। ऐसे में यह सामान कौन-कैसे बांट रहा है, इसे लेकर भी सवाल है।

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