अब महाराष्ट्र सरकार का चीन को झटका, 5 हजार करोड़ के इन 3 बड़े Projects पर CM उद्धव ठाकरे ने लगाई रोक

मुंबई: महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी सरकार ने चीन को बड़ा झटका दिया है। उद्धव ठाकरे ने चीन को दिए गए तीन बड़े प्रोजेक्ट रद्द कर दिए हैं। इन प्रोजेक्ट की लागत करीब पांच हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। इन प्रोजेक्ट को हाल ही में हुई ऑनलाइन इनवेस्टर मीट के दौरान चीन को दिया गया था। खास बात यह थी कि इस दौरान चीन के राजदूत भी इनवेस्टर मीट में मौजूद थे। जानकारी के मुताबिक रद्द किए गए प्रोजेक्ट में दो ऑटोमोबाइल और एक इंजीनियरिंग से जुड़ा प्रोजेक्ट शामिल है।

चीन की 3 कंपनियों को लगा झटका! महाराष्ट्र ने 5 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर फिलहाल लगाई रोक

उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने कहा, “केंद्र सरकार से चर्चा करने के बाद ये फैसला लिया गया है ये समझौते भारत-चीन सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के पहले हुए थे। विदेश मंत्रालय ने यह सलाह दी है कि चीनी कंपनियों के साथ अब कोई समझौता न किया जाए।”

इन प्रोजेक्ट्स के लिए हुई थी डील
– पहला प्रोजेक्ट ग्रेट वॉल मोटर्स का 3,770 करोड़ रुपए का था जिसेे पुणे के पास ऑटोमोबाइल प्लांट लगना था।
– दूसरी प्रॉजेक्ट पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी और फोटोन का था, जिसकेे तहत 1 हजार करोड़ रुपये में यूनिट लगनी थी।
– तीसरा प्रॉजेक्ट हिंगली इंजिनियरिंग 250 करोड़ रुपए का था।

बता दें कि ये सभी करार 15 जून को हुए थे, जबकि बॉर्डर पर हमारे जवानों की शहादत 15-16 रात को हुई। वहीं, कन्फेडेरशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मांग की थी कि उनकी सरकार चीन की तीन कंपनियों के साथ हाल में किए समझौते रद्द करे। कैट ने भारत में चीनी सामानों के बहिष्कार के राष्ट्रीय अभियान का आव्हान किया है।

कैट ने राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की ऐसे समय जब पूरा देश चीन के खिलाफ एकसाथ उठ कर खड़ा हो गया है ऐसे में महाराष्ट्र सरकार की ओर से चीन की कंपनियों से समझौता करना उचित नहीं है।

बीएसएनएल और रेलवे भी दे चुके हैं झटका
– रेलवे ने भी चीनी कंपनी का ठेका रद्द करते हुए करीब 417 करोड़ का झटका दिया था।
– यह चीनी कंपनी बीजिंग नेशनल रेलवे रिसर्च एंड डिजायन इंस्टीट्यूट के पास था।
– कानपुर और मुगलसराय के बीच 417 किलोमीटर लंबे खंड पर सिग्नल और दूरसंचार का काम होना था।
– वही भारत सरकार ने सरकारी टेलिकॉम कंपनियों से किसी भी चीनी कंपनी के इक्विपमेंट्स का इस्‍तेमाल न करने को कहा है।
– बीएसएनएल और एमटीएनएल ने सभी चीनी टेंडर्स को कैंसिल कर दिया है।
– इस कदम से चीन को करीब 3 हजार करोड़ का नुकसान होगा।

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