पैडमैन : बदलाव की बयार, फिर छा गए अक्षय

फिल्म समीक्षा

गांव और महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ा सबसे बड़ा मसला है माहवारी। ऐसे विषय पर फिल्म बनाना आसान नहीं था। सबसे बड़ी बात यह है कि इस तरह की फिल्म में अक्षय कुमार जैसे सुपरस्टार को लेना भी एक साहसिक घटना है। फिल्म के आंकड़ों की माने तो आज भी भारत में सिर्फ 18% महिलाएं सैनिटरी पैड का इस्तेमाल अपनी महावारी के दौरान करती हैं। 82 प्रतिशत महिलाएं पुराना कपड़ा, पत्ते, राख जैसी चीजों का इस्तेमाल रक्तस्राव रोकने के लिए करती हैं, जो सेहत के लिए पूरी तरह नुकसानदायक है। चीनी कम (2००7), पा (2००9) और की एंड का (2०16) जैसी फिल्मों के डायरेक्टर आर. बाल्की की पैडमैन एक स्ट्रॉन्ग मैसेज देती है। फिल्म में अक्षय कुमार, राधिका आप्टे और सोनम कपूर अहम रोल है। फिल्म की कहानी तमिलनाडु के पद्म अवॉर्डी अरुणाचलम मुरुगनाथन की लाइफ पर बेस्ड है, जिन्हें मेंस्ट्रुअल मैन के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने सस्ते सेनेटरी पैड बनाकर पत्नी, बहन और दूसरी महिलाओं को पीरियड्स के समय होने वाली दिक्कतों से छुटकारा दिलाया। मुरुगनाथन द्बारा पैड बनाना जितनी क्रांतिकारी घटना है उतना ही क्रांतिकारी कदम उस पर फिल्म बनाना है। निर्देशक आर. बाल्की ने इस नाजुक विषय को बहुत ही संजीदगी से पेश किया है। मध्यप्रदेश के महेश्वर में शूट की गई इस फिल्म में एक अलग फ्लेवर देखने को मिलता है और पूरी फिल्म पर बाल्की की पकड़ बनी रहती है।

पैडमैन की कहानी
इस फिल्म की कहानी लक्ष्मीकांत चौहान उर्फ लक्ष्मी (अक्षय कुमार) की है, जो मध्य प्रदेश के छोटे से कस्बे में रहता है। लक्ष्मी अपनी पत्ी गायत्री (राधिका आप्टे) से बहुत प्यार करता है और उसे हर खुशी का ख्याल रखता है। वह गायत्री की लाइफ को आसान बनाना चाहता है। जब उसे अहसास होता है कि गायत्री पीरियड्स के दौरान गंदे कपड़ों का इस्तेमाल करती है, क्योंकि एक फैक्ट्री वर्कर की पत्नी होने के नाते वह महंगे सेनेटरी पैड का खर्च नहीं उठा सकती। तब लक्ष्मी खुद सेनेटरी पैड बनाने का फैसला लेता है। अपने एक्सपेरिमेंट्स और पैड्स के प्रति लक्ष्मी के लगाव को देख पड़ोसी उसका मजाक उड़ाने लगते हैं। लक्ष्मी न केवल अपने आसपास की महिलाओं की जिंदगी आसान बनाने के लिए संघर्ष करता है, बल्कि उसे समाज से भी टकराना पड़ता है, जो अंधविश्वास के चलते माहवारी को गंदा मानता है और पीरियड्स के दौरान महिलाओं को अलग रखने में विश्वास रखता है।

अक्षय ने जीता दिल
पैडमैन के रूप में अक्षय दिल जीत लेते हैं। फिल्म के अंत में यूनाइटेड नेशन में एक एक्टर के रूप में अक्षय कुमार ने यादगार स्पीच दी है। सोनम कपूर छोटे से किरदार में अपनी छाप छोड़ जाती हैं। राधिका आप्टे बेहतरीन अभिनेत्री हैं, इसमें कोई शक नहीं है। कुल मिलाकर यह कहना गलत नहीं होगा कि पैडमैन हर दर्शक को देखना जरूरी है।

स्टार कास्ट : अक्षय कुमार, राधिका आप्टे और सोनम कपूर
डायरेक्टर : आर. बाल्की
प्रोड्यूसर : ट्विंकल खन्ना, होप प्रोडक्शंस
संगीत : अमित त्रिवेदी

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