पासवान के घर में फूट, दामाद ने थामा राजद का हाथ

अखिलेश अखिल 

राजद नेता लालू प्रसाद भले ही रांची जेल में बंद हों लेकिन उनकी राजनीति वहीँ से बिहार में चलती दिख रही है। लालू प्रसाद ने कभी लोजपा नेता और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को मौसम विज्ञानी कहा था। उनका मानना था कि पासवान जी समय और मौक़ा देखकर इरादा बदल लेते हैं और हर सरकार में शामिल हो जाते हैं। लालू प्रसाद के इस बयान को लेकर आज भी राजनितिक गलियारों खूब चर्चा होती है।  लेकिन अब पासवान के दामाद उनसे भी दो कदम आगे निकल गए। पासवान जी अभी एनडीए में शामिल हैं और उनके दामाद अनिल कुमार साधु लोजपा के ही दलित सेना के अध्यक्ष हैं। साधु आज पार्टी छोड़कर अपने दाल बल के साथ राजद के साथ चले गए और राजद का दमन भी थाम लिया। मामला इतना भर ही नहीं रहा। राजद के साथ जाते ही साधू ने अपने ससुर पासवान और साले चिराग पर खूब हमला भी किया।

राजद में शामिल होने के साथ ही अनिल कुमार साधु ने पटना सिटी स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामविलास पासवान और लोजपा संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चिराग पासवान पर जमकर निशाना साधा है।  उन्होंने रामविलास पासवान पर नीतियों और सिद्धांतों से समझौता कर अपने पद के लिए पार्टी के सिद्धांतों को आरएसएस के चरणों में समर्पित कर दिये जाने का आरोप लगाया है।  अनिल साधु का कहना था कि दलितों पर अत्याचार लगातार जारी है।  बावजूद इसके रामविलास पासवान और चिराग पासवान का कोई भी बयान अब तक सामने नहीं आया है।  अनिल साधु ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को सामाजिक न्याय के पुरोधा बताते हुए कहा कि दबे-कुचलों के वे सच्चे हितैषी हैं।

इस दौरान अनिल साधु ने सांसद चिराग पासवान को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें ताकत है तो वह सामान्य सीट से लोकसभा का चुनाव लड़े, उन्हें अपनी औकात का अंदाजा हो जायेगा।  वहीं अनिल कुमार साधु की बगावत पर लोजपा सांसद चिराग पासवान ने कहा, किसी के आने और जाने से फर्क नहीं पड़ता है।  जिनको लोजपा की चिंता है वो पहले अपनी चिंता करें।

इधर, सदन में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी ट्वीट कर रामविलास पासवान और एनडीए पर निशाना साधा है।  तेजस्वी ने अपने ट्वीट में लिखा है, केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के दामाद, दलित सेना के अध्यक्ष पूर्व प्रत्याशी अनिल पासवान साधु जी ने लोजपा प्रमुख की नीति, नियम और नियति पर सवाल उठाते हुए पार्टी छोड़ दिया है और आज राजद की सदस्यता ग्रहण की।  उन्होंने आगे लिखा है, वंचित वर्गों के नेता एनडीए  छोड़ राजद के संघर्ष में शामिल हो रहे है।

बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही एनडीए के हिस्सा रहे हम पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी भी राजद के साथ हो लिए हैं। साधु के पार्टी छोड़ने से एनडीए को झटका के तौर पर देखा जा रहा है।
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