PM Cares Fund की पारदर्शिता पर शशि थरूर ने उठाए सवाल

नई दिल्ली: देश इस वक्त कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहा है। दिन पर दिन बिगड़ रहे हालातों से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं। इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने इमरजेंसी रिलीफ के लिए PM Cares Fund की घोषणा की है। अब इसे लेकर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने सवाल खड़े किए हैं। थरूर ने इस कोष की पारदर्शिता पर इसके उपयोग को लेकर सवाल उठाए हैं। दरअसल इस कोष में हजारों करोड़ रुपए की दान राशि मिलने की संभावना है। बता दें कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री सिटिजन असिस्टेंस एंड रिलीफ इन इमरजेंसी सिचुएशन फंड (PM CARE Fund) की घोषणा की है।

कोष का संचालन पब्लिक चेरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से होगा जिसके चेयरमैन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रहेंगे। इसके सदस्यों में रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्री भी शामिल हैं। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एक ट्वीट करते हुए कहा है कि यह बेहद जरूरी है। PM CARES का नाम सीधे तौर पर PMNRF क्यों नहीं रखा जाता है। थरूर ने पब्लिक चेरिटेबल ट्रस्ट बनाए जाने पर और ट्रस्ट की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि PMOIndia को उठाए गए इस अप्रत्याशित कदम के लिए जनता को जवाब देना होगा।

बता दें कि कोरोना आपदा के बीच केंद्र सरकार ने पीएम रिलीफ फंड के बजाय पीएम केयर फंड का नया कोष गठित किया है। इसके पूर्व पीएम मोदी ने एक ट्वीट करते हुए कहा था कि हर भारतीय से मेरी अपील है कि, PM CARES Fund में डोनेट करें। यह फंड इस तरह के हालातों से लड़ने के लिए हमेशा काम आएगा। इस घोषणा के बाद बड़ी संख्य़ा में उद्योगपतियों, कलाकारों, खिलाड़ियों और अन्य लोगों ने इस फंड में पैसा जमा कराया है।

टाटा संस और टाटा ट्रस्ट ने इस फंड में 1500 करोड़ रुपए दिए हैं, वहीं गौतम अडानी ने इस फंड में 100 करोड़ रुपया जमा कराया है। इसके अलावा कई कलाकारों द्वारा पैसा जमा करने की बात सामने आ रही है।

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