संसद में पीएम मोदी का राहुल -सोनिया पर हमला, दलित के अपमान की दिलाई याद

नई दिल्ली : लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी का भाषण शुरू हो चुका है। हालांकि इस बीच विपक्ष ने हंगामा भी शुरू कर दिया है। राष्‍ट्रपति के अभिभाषण को लेकर धन्‍यवाद प्रस्‍ताव पर चर्चा हो रही है। पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति जी का भाषण किसी दल का नही होता है और उसका सम्मान होना चाहिए। मालूम हो कि राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ ही बजट सत्र की शुरुआत हुई थी। इस मौके पर उन्‍होंने संसद के दोनों सदनों को संयुक्‍त रूप से संबोधित करते हुए मोदी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश किया था।

पीएम मोदी ने कहा कि जब हम नए राज्‍यों के निर्माण की बात करते हैं तो हमें उन तौर-तरीकों को याद करना चाहिए जिस तरह अटल बिहारी वाजपेयीजी ने उत्‍तराखंड, झारखंड और छत्‍तीसगढ़ का निर्माण किया था। उन्‍होंने दिखाया था कि कैसे दूरदर्शी फैसला लिया जाता है। इसके साथ पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी ने देश के टुकड़े किए हैं। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव की वजह से जल्दबाजी में आंध्र प्रदेश का विभाजन किया था।

इस बीच विपक्ष का हंगामा जारी है। नेता भाषणबाजी नहीं चलेगी, जुमलेबाजी बंद करो के नारे लगा रहे हैं और पीएम मोदी भाषण दे रहे हैं। उन्‍होंने मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा इस्तेमाल किए गए बशीर बद्र के शेर का जिक्र भी किया। पीएम मोदी ने कांग्रेस को कहा कि, ‘जी चाहता है कि सच बोलें, क्या करें हौसला नहीं होता’।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत की आजादी के बाद आजाद हुए देश विकास की दौड़ में आगे निकल गए हैं। आंध्र प्रदेश मुद्दे पर पीएम मोदी बोले कि तेलंगाना आगे बढ़े, इसके पक्ष में हम भी थे पर आपने आंध्र प्रदेश के लोगों के साथ हड़बड़ी में जो किया, उसका नतीजा है कि चार साल बाद भी समस्याएं हैं। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने अगर सही नीयत और सही दिशा रखी होती तो देश आज जहां है, वहां से बहुत आगे होता।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत का लोकतंत्र नेहरू और कांग्रेस की देन नहीं है, देश का अस्तित्व उससे भी पहले से था। लोकतंत्र हमारी रगों में है, हमारी परंपरा में है। पीएम मोदी ने गांधी परिवार पर बड़ा हमला किया। उन्‍होंने कहा कि दशकों तक कांग्रेस ने अपनी सारी ऊर्जा एक परिवार की सेवा में लगा दी और देश के हित को एक परिवार के हित के लिए नजरअंदाज कर दिया गया।

राजीव गांधी ने किया था अपमान

कांग्रेस पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आप लोकतंत्र की बात करते हो? आपके पीएम राजीव गांधी ने हैदराबाद एयरपोर्ट पर उतर के अपनी ही पार्टी के दलित सीएम को खुलेआम अपमानित किया था। एनटी रामा राव का अपमान किया गया था और इसको लेकर गुस्‍साए माहौल के बीच टीडीपी का गठन हुआ था। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि आपके मुंह पर लोकतंत्र शोभा नहीं देता। इसलिए कृपा करके आप हमें लोकतंत्र का पाठ मत पढाएं। पीएम मोदी ने सुरजेवाला का भी जिक्र किया। उन्होंने राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने पर सवाल उठाया था। यह भी कहा कि अगर कांग्रेस जमीन से जुड़ी होती तो उनकी यह हालत न होती।

कश्‍मीर मुद्दे पर पीएम मोदी ने कहा कि अगर सरदार वल्‍लभभाई पटेल देश के पहले प्रधानमंत्री होते तो पूरा कश्‍मीर हमारा होता। वहीं यह भी कहा कि कांग्रेस ने केरल में कैसी कार्रवाई की? पंजाब में अकाली दल के साथ कैसा बर्ताव किया? तमिलनाडु में कैसा व्‍यवहार किया? क्‍यों कांग्रेस ने अपनी मर्जी के हिसाब से इतनी सारी राज्‍य सरकारों को खारिज कर दिया। यह लोकतंत्र के प्रति प्रतिबंद्धता को जताता नहीं है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि ये जो आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है वो नाकाम रहने वाली है।

कांग्रेस पर एक बार फिर जोरदार हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हर भारतीय कांग्रेस द्वारा देश में घोली गई जहर की कीमत चुका रहा है। उन्‍होंन कहा कि चुनाव से पहले पत्‍थर पर नाम जड़ जाएगा तो काम हो जाएगा। आपने बर्मर रिफाइनरी में यही किया पर जब हमने देखा काम बस कागज पर हुआ था। हमने आज उस काम को प्रारंभ कर दिया। पूर्वोत्‍तर का भी पीएम मोदी ने जिक्र किया। उन्‍होंने कहा कि 2014 में सरकार बनाने के बाद हमने पूर्वोत्‍तर को प्राथमिकता दी और इसके विकास के लिए काम किया।

गौरतलब है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर राज्यसभा में बहुमत का गणित एनडीए सरकार के लिए एक बार फिर सियासी सिरदर्दी बन सकता है। राज्यसभा में बोलने का मौका नहीं देने से नाराज विपक्षी पार्टियां राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर संशोधन पारित करने की रणनीति पर गंभीर हैं। विपक्षी दलों की ओर से पहले ही अभिभाषण में 300 से ज्यादा संशोधन के प्रस्ताव सदन में पेश किए जा चुके हैं।

राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस आज पूरी हो जाएगी और इसे पारित किया जाएगा। विपक्षी दलों की ओर से दिए गए संशोधन में भाकपा के डी राजा ने नोटबंदी की वजह से अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर होने का खेद व्यक्त करने की बात कही है। इसी तरह कांग्रेस के सुब्बीरामी रेड्डी और सपा के विशंभर प्रसाद निषाद ने बेरोजगारी के सवाल पर तो कुछ ने किसानों की आत्महत्या से जुड़े सवाल का संशोधन दिया है।

विपक्षी पार्टियों में किसी मुद्दे पर संशोधन पारित कराने पर सहमति बन गई तो फिर यह सरकार के लिए असहज स्थिति होगी। अमूमन राष्ट्रपति अभिभाषण पर सदन से धन्यवाद प्रस्ताव में संशोधन नहीं किया जाता है, मगर एनडीए के पास अभी भी राज्यसभा में बहुमत का आंकड़ा नहीं है।

हालांकि विपक्ष संशोधन पारित कराने की रणनीति पर अंतिम फैसला वोटिंग से ठीक पहले लेगा। प्रस्ताव पारित कराने के लिए वोटिंग की नौबत आयी तो फिर विपक्ष सदन में अपने नंबर देख कर संशोधन पारित कराना है या नहीं इसका निर्णय लेगा। विपक्ष का अभिभाषण पर संशोधन पारित होता है तो फिर यह सरकार के लिए असहज स्थिति होगी। मालूम हो कि 2015 और 2016 में भी राज्यसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर विपक्ष अपने संशोधन पारित कराने में कामयाब रहा था।

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