पीएम मोदी ने की मन की बात, जानिये क्या कहा

द लखनऊ ट्रिब्यून ब्यूरो : नरेंद्र मोदी ने रविवार को 42वीं बार मन की बात की। मोदी ने 28 फरवरी को नेशनल साइंस डे से पहले विज्ञान की बात की। उन्होंने कहा, “कभी हमने सोचा है कि पानी रंगीन क्यों दिखता है? जबकि पानी का तो रंग ही नहीं होता। इसी प्रश्न ने भारत के एक महान वैज्ञानिक को जन्म दिया। डॉ. सीवी रमन को प्रकाश के प्रकीर्णन (स्कैटरिंग) के लिए नोबेल प्राइज दिया गया। 28 फरवरी को ही उन्होंने ये खोज की थी कि पानी का रंग नीला क्यों दिखता है।” मोदी ने कहा कि हमारे अंदर वैज्ञानिक सोच होना बहुत जरूरी है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की खासियतें भी बताईं।

मन की बात की ख़ास बातें
– मोदी ने कहा, “हमारे यहां कई वैज्ञानिक हुए। प्राचीन काल में चिकित्सा के क्षेत्र में चरक, सुश्रुत हुए तो जगदीश चंद्र बोस और सत्येंद्रनाथ बोस भी हुए। सत्येंद्रनाथ के नाम पर तो बोसोन नाम का कण भी है।”
– “एडिसन कई बार असफल रहे। उन्होंने कहा था कि मैंने बल्ब बनाने के 10 हजार तरीके खोजे। उन्होंने अपनी असफलता को सफलता में बदल दिया।”
– मोदी ने कहा कि रविवार को मैं महर्षि अरबिंदो की भूमि पर हूं। उन्होंने अंग्रेजों को नाकों तले चने चबवा दिए। हमारी पीढ़ी विज्ञान की सेवा करने के लिए प्रेरित हो। इसके लिए मैं शुभकामनाएं देता हूं।’
– पीएम ने कहा कि पशुओं के अपशिष्ट के इस्तेमाल की योजना को गोबरधन योजना नाम मिला। गोबर और कचरे को आय का स्त्रोत भी बनाएं। किसानों को गोबर की ब्रिक्री का सही दाम मिलेगा।
– गोबरधन योजना के ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफार्म बनेगा। रायपुर में पहले कचरा महोत्सव का आयोजन किया गया। कचरा प्रबंधन को ध्यान में रखकर कचरा महोत्सव का आयोजन किया गया था।
– स्वच्छता की थीम के ऊपर कई जिलों में महोत्सव का आयोजन किया गया था। महोत्सव का मकसद कचरे का सही ढंग से इस्तेमाल करना था। पीएम मोदी ने कहा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जीवन को और आसान बना रहा है। अब न बोलने वाला शख्स भी बोल सकता है। कोई भी मशीन वैसा ही काम करेगी जैसा हम चाहेंगे। लेकिन हमें ये तय करना है कि हम उनसे कैसा काम लेते हैं।”

– पीएम ने 4 मार्च को वर्ल्ड सेफ्टी डे से पहले दुर्घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा हमारी सतर्कता दुर्घटनाओं को रोक सकती है।

– मोदी ने कहा, “सेफ्टी को लेकर बहुत चर्चा होती है। सेफ्टी दो तरह की होती है। अगर हम दैनिक जीवन में उसे हासिल नहीं कर पा रहे तो बहुत मुश्किल हो जाती है। रास्ते पर लिखा होता है- नजर हटी तो दुर्घटना घटी। सुरक्षा से न करो कोई मस्ती, नहीं तो होगी जिंदगी सस्ती।”
– “हम अगर सतर्क रहें तो अपनी जिंदगी तो बचा ही सकते हैं दूसरों को भी जागरूक कर सकते हैं। प्लेन में कई बार एयरहोस्टेस सुरक्षा को लेकर जानकारी देती हैं। हम सभी ने कई बार सुना है। लेकिन इस्तेमाल करने की बात आएगी तो हम ऐसा नहीं कर पाएंगे। इसकी वजह कॉन्शस न होना है। अगर हम अपने लिए सेफ्टी का भाव जगा लें तो दूसरों की भी सुरक्षा कर पाएंगे।”

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