एसिड अटैक फाइटर प्रमोदनी को मिला लाइफटाइम वैलेंटाइन डे, पढ़िए Love Story

लखनऊ ट्रिब्यून ब्यूरो: वैसे तो प्यार का दिन कहा जाने वाला वेलेंटाइन डे हर एक प्रेमी युगल के लिए खास होता लेकिन एक एसिड अटैक फाइटर प्रमोदनी उर्फ रानी के लिए बेहद दिलचस्प रहा। रानी को इस 14 फरवरी को सरोज साहू के रूप में अपना लाइफटाइम वेलेंटाइन मिला। प्रमोदनी 9 साल पहले एकतरफा प्यार करने वाले आसिक के द्वारा अपनी खूबसूरती को गवां बैठी लेकिन उनका खूबसूरत दिल उन्हीं के पास था, जो अब उनके मंगेतर सरोज के लिए धड़कता है। सरोज ने रानी प्रमोदनी संग वेलेंटाइन डे को दिन सगाई रचाई और जल्द ही वह शादी करेंगे।

ओड़िशा के जगतपुरा में 2009 में प्रमोदनी जब 12वां क्लास में पढ़ती थीं तब एक लड़का उनसे प्यार करने को मजबूर करता था और मना किया तो उस पर असिड फेक दिया। अपना असली चेहरा खो जाने के बाद प्रमोदनी ने कभी भी अपना चेहरा आइना में नहीं देखा, क्योंकि तेजाब के हमले में प्रमोदनी ने अपनी आंखें भी गवा दी हैं। हालांकि अब सरोज की वजह से उनकी लाइफ में भी वो सभी खुशियां शुमार हैं जिसकी हर लड़की हकदार है। प्रमोदनी ने अपनी सगाई में अपनी एसिड अटैक विक्टम सहेलियों के साथ कई गानों पर डांस किया। इसल दौरान उनके कुछ खास करीबी ही शामिल हुए। हालांकि उनकी ये सगाई हमेशा के लिए यादगार है।

बताया जा रहा है कि प्रमोदनी और सरोज की पहली मुलाकात कटक के अस्पताल में हुई थी। इस अस्पताल में सरोज एक मेडिल रिप्रेजेंटेटिव बनकर गए थे, जहां पर पहली बार वह एक नर्स के जरिए प्रमोदनी से मिले थे। इस अस्पताल में प्रमोदनी अपने असिड अटैक का इलाज कराने के लिए भर्ती थीं। जब सरोज प्रमोदनी से मिले तब उन्होंने ठान लिया था कि आगे से वह उनका साथ देंगे। सरोज को कई लोगों ने प्रमोदनी से मिलने के लिए रोका लेकिन वह अपने निर्णय पर अडिग रहे और साथ देते रहे। यहां तक कि उन्होंने डॉक्टर्स से भी ये कहा कि वह अपने प्यार के जरिए प्रमोदनी की हालत में सुधार लाएंगे और हुआ भी वही। अस्पताल में कई मुलाकातों के दौरान दोनों की दोस्ती गहरी होती गई और धीरे-धीरे प्यार में बदल गई।

सरोज को कई लोगों ने प्रमोदनी से मिलने के लिए रोका लेकिन वह अपने निर्णय पर अडिग रहे और साथ देते रहे। यहां तक कि उन्होंने डॉक्टर्स से भी ये कहा कि वह अपने प्यार के जरिए प्रमोदनी की हालत में सुधार लाएंगे और हुआ भी वही। अस्पताल में कई मुलाकातों के दौरान दोनों की दोस्ती गहरी होती गई और धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। अब प्रमोदनी ठीक हैं और शिरोज फाउंडर्स के टच में आईं और कुछ दिन लखनऊ स्थित शिरोज कैफे में ही उन्होंने काम किया। इसके बाद सरोज के साथ वह दिल्ली की ओर रवाना हुईं। सरोज के साथ मिलकर प्रमोदनी शादी के बाद ओड़ीशा में स्टाप एसिड अटैक कंपेन चलाएंगी और शीरोज हैंग आऊट कैफे चलाकर तेजाब हमले की शिकार लड़कियों को रोजगार देंगे।

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