मोदी सरकार के दबाब में मास्टर स्ट्रोक बंद , प्रसून ने दिया इस्तीफा

दिल्ली ब्यूरो: अब मास्टर स्ट्रोक नहीं दिखेगा। प्रसून अब एबीपी कहिने से अलग हो गए हैं। मास्टर स्ट्रोक के जरिए सरकार के सच को दिखाना पुण्य प्रसून को भारी पड़ गया। आज से वह कार्यक्रम एबीपी पर नहीं दिखेगा। जानकारी के मुताबिक़ प्रसून से एक दिन पहले चैनल के मैनेजिंग एडिटर मिलिंद खांडेकर ने चैनल को अलविदा कह दिया था। माना जा रहा है कि दोनों पत्रकारों की चैनल से विदाई मास्टर स्ट्रोक के कारण ही हुई है।

बता दें कि पिछले महीने दिन से अधिक समय से रात 9 से 10 के बीच आने वाले ‘मास्टर स्ट्रोक’ को लेकर लगातार विवाद जारी था। मास्टर स्ट्रोक में उठाए जाने वाले मसलों में धार और तथ्य इस कदर मारक थे कि सरकार के बड़े-बड़े प्रचार और फर्जी विज्ञापन से सरकारी योजनाओं की चकाचौंध द्वारा लोगों को मूर्ख बनाने के सारे तौर-तरीके फेल होते जा रहे थे। प्रचार और बात बनाने में माहिर प्रधानमंत्री के बड़ा खतरा तब हो गया, जब पुण्य प्रसून बाजपेयी ने अपने कार्यक्रम में सीधे प्रधानमंत्री की कही बातों को पर्याप्त तथ्यों और तर्क के साथ झूठा, फर्जी और फरेबी साबित किया।

इसी वजह से मास्टर स्ट्रोक के समय एबीपी चैनल में तरह-तरह की समस्याएं आने लगी थीं। और वह पिछले 20 दिनों से ठीक से दिखता नहीं था। जाहिर है न सिर्फ सरकार बल्कि मोदी स्वयं एक प्रधानमंत्री के तौर पर मीडिया का मुंह बंद करने की पुरजोर कोशिश में लगे हैं और तानाशाहीपूर्ण रास्ते अख्तिार कर रहे हैं। जहां मैनेजिंग एडिटर मिलिंद खांडेकर और पुण्य प्रसून बाजपेयी मास्टर स्ट्रोक के कारण चैनल छोड़ चुके हैं वहीं मोदी की नीतियों की सच्चाई का खुलासा करने वाले एबीपी के दूसरे पत्रकार अभिसार शर्मा को चैनल ने 15 दिन की छुट्टी दे दी है। पुण्य प्रसून ने कहा कि हां उन्होंने अपना इस्तीफा चैनल को सौंप दिया है। उन्होंने साफ-साफ कहा कि मास्टर स्ट्रोक को लेकर सरकार का दबाव बहुत ज्यादा है।

चैनल के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पुण्य प्रसून बाजपेयी को चैनल छोड़ने का यह फैसला इसलिए लेना पड़ा क्योंकि चैनल प्रबंधन आज से ‘मास्टर स्ट्रोक’ कार्यक्रम को बंद करने की घोषणा कर चुका था। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ की एक महिला चंद्रमणि कौशिक और उसके समूह द्वारा कमाई को लेकर अपने कार्यक्रम ‘मन की बात’ में जो दावे किए थे, उसकी सच्चाई दिखाकर पुण्य प्रसून ने साबित किया था कि प्रधानमंत्री देश के सामने लाइव झूठ बोलते हैं। इस कार्यक्रम से न केवल भाजपा, संघ और सरकार नाराज थे, बल्कि प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने भी गुस्सा दिखाया था।

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