नाच -गाने के साथ नारेबाजी कर क्वियर सदस्यों ने निकाला प्राइड मार्च

लखनऊ : माई बॉडी माई राइट.. नारे के बीच नाच-गाकर क्वियर बिरादरी (लेस्बियन, गे, बायोसेक्सुअल ट्रांसजेंडर) ने राजधानी की सड़क पर इंद्रधनुष के सतरंगी छटा बिखेरी। बैंड बाजे संग रंग-बिरंगें परिधानों में सजेधजे लोगों ने अपने अधिकार, सम्मान और अस्तित्व को बचाने के लिए रविवार को क्वियर प्राइड मार्च निकाला। शहर की क्वियर बिरादरी को सपोर्ट करने के लिए नई दिल्ली, कलकत्ता, मुंबई व बेंगलुरु सहित कई शहरों के ट्रांसजेंडर शामिल रहे।

मौका था अवध क्वियर प्राइड कमेटी की ओर से आयोजित दो दिवसीय गर्वोत्सव..अवध प्राइड 2018 का। गर्वोत्सव के अंतिम दिन जश्न मनाने को ट्रांसजेंडर अपने चेहरे पर तरह-तरह के मास्क लगाकर डालीबाग स्थित दैनिक जागरण चौराहे पर एकत्र हुए। फिर यहां से एक बैनर के नीचे सभी ने मार्च निकलना शुरू हुआ, जो सिकंदरबाग चौराहा से अशोक मार्ग होता हुआ हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा स्थल पहुंचा। पूरे रास्ते अपने अधिकारों के लिए नारे लगाते हुए क्वियर बिरादरी ने लोगों को जागरूक किया और उनसे अपना नजरिया बदलने की गुजारिश की।

मार्च की अगुवाई कर रहीं पायल किन्नर ने कहा कि आम इंसान की तरह किन्नरों को भी जीवन साथी चुनने की आजादी होनी चाहिए। दो दिवसीय गर्वोत्सव के आयोजक दर्वेश सिंह यादवेंद्र ने कहा कि हम ऐसी सामूहिक एकजुटता के निर्माण के लिए सड़क पर उतरे हैं, जिसमें महंतशाही को खत्म किया जा सके। क्वियर बिरादरी को सपोर्ट करने के लिए समाजसेवी, एडवोकेट व रंगकर्मी सहित कई लोग मार्च में शामिल रहे।एकनूर ने बताया कि सामान्य इंसान की तरह क्वियर बिरादरी को भी सामान्य अधिकार है। मानवाधिकार सबके लिए है। मैं क्वियर बिरादरी को सपोर्ट करने आई हैं। उनको भी देश में बराबर अधिकार है।

कबरी का कहना था कि देश में सभी नागरिकों को रहने का सामान्य अधिकार है। हमसे यह अधिकार कोई छीन नहीं सकता। धारा 377 हटनी चाहिए। हम भी भारतीय नागरिक हैं। हमें भी सम्मान से जीने का अधिकार है।नई दिल्ली से शामिल हुई लिजा ने कहा कि ट्रांसजेंडर विधेयक में बदलाव हो। हमें भी शादी करने का अधिकार मिले। धारा 377 को हटाया जाए। हम समलैंगिक लोगों को भी बराबर अधिकार मिले। हमे भी अपना जीवनसाथी चुनने की आजादी हो।

कोलकाता के वैंगटेश ने कहा कि समाज में क्वियर बिरादरी को अच्छी नजरों से नहीं देखा जाता। हर कोई उनको अपमानित करता है। इसलिए हम लोगों ने मिलकर अपने सम्मान के लिए प्राइड वॉक निकाली है, ताकि हमारे प्रति समाज का नजरिया बदले।सनतकदा की संस्थापक माधवी कुकरेजा ने कहा कि मैं क्वियर बिरादरी को सपोर्ट करने आई हूं। सरकार को उनके लिए कुछ करना चाहिए। एलजीबीटी कम्युनिटी को भी अपने अधिकारों के लिए निकलना होगा। ताकि दुनिया को पता चले कि इन रंगीन मिजाज लोगों के दिलों में कितना दर्द है।

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