लोकतंत्र सेनानियों को योगी सरकार देगी भगवा पहचान पत्र

लखनऊ : आपातकाल के विरोध में जेल गए लोकतंत्र सेनानियों का पहचान पत्र (आइकार्ड) भी उत्तर प्रदेश सरकार अब भगवा करने जा रही है। इसका डिजाइन तैयार हो गया है और जल्द ही इसे जारी किया जाएगा। इससे पहले मुख्यमंत्री कार्यालय (एनेक्सी), राजकीय बसों और गांवों में लोक निर्माण विभाग के नोटिस बोर्ड भगवा रंग के किए जा चुके हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासनकाल में 1975 में देश में लागू किए गए आपातकाल के विरोध में लगभग एक लाख लोगों ने गिरफ्तारी दी थी। इसमें भाजपा के ही नहीं सपा, जदयू व कई अन्य दलों के नेता भी शामिल रहे थे। 2006 में इन्हीं आंदोलनकारियों को लोकतंत्र सेनानी की संज्ञा देते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने इनका सम्मान किया था और पेंशन निर्धारित की थी। पूर्व मंत्री राजेंद्र चौधरी कहते हैं कि आपातकाल का विरोध सभी विपक्षी दलों ने किया था।

इस पर किसी विशेष दल की छाप उचित नहीं है। राज्य सरकार को विकास की चिंता करनी चाहिए। रंग बदलने से विकास नहीं होगा।दूसरी ओर विभागीय मंत्री ब्रजेश पाठक बताते हैं कि सभी रंग प्रकृति की देन हैं और इनमें भगवा विशिष्ट और मनोहारी है। लोकतंत्र सेनानियों के परिचय पत्र को और आकर्षक बनाया गया है। केसरिया रंग मनोहारी है। सुबह की किरणों, अग्नि का रंग भी भगवा ही है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की यूनिफार्म का भी बदला रंग

उत्तर प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की यूनिफॉर्म का रंग भी बदल दिया है। अब कार्यकर्ता गुलाबी व सहायिकायें पीले रंग की साड़ी यूनिफार्म के रूप में पहनेंगी। निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार ने मंगलवार को संबंधित आदेश जारी कर दिए। अभी तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हरे रंग की साड़ी यूनिफार्म के रूप में पहनती थीं।

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