भाजपा से अलग हुई शिवसेना की राह, अकेले लड़ेगी लोकसभा चुनाव

नई दिल्ली। शिवसेना और भाजपा की राहें जुदा हो गई हैं। शिवसेना ने मंगलवार को एलान कर दिया कि वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में वह अकेले उतरेगी। वह उसी साल होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव भी अपने दम पर लड़ेगी।

यह फैसला शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में ले लिया गया। शिवसेना की ओर से इस फैसले का ऐलान वरिष्ठ नेता संजय राउत ने किया। महाराष्ट्र सरकार में भाजपा और शिवसेना की गठबंधन के 288 विधायक हैं। इनमें भाजपा के 122 और शिवसेना के 63 विधायक हैं। कांग्रेस के 42 और राकांपा के 41 विधायक हैं। शिवसेना ने कहा कि वह सम्मान के साथ चुनाव लड़ने के लिए भाजपा के साथ गठबंधन से अलग हो रही है। भाजपा और शिवसेना ने लोकसभा और विधानसभा का पिछला चुनाव भाजपा के साथ गठबंधन कर लड़ा था।

भाजपा और शिवसेना के बीच लम्बे समय से चल खींचतान चल रही थी। शिवसेना केन्द्ग की मोदी सरकार और महाराष्ट्र की फड़नवीस सरकार की आलोचना करती रही है। शिवसेना ने मोदी सरकार के बड़े कदम चाहे नोटबंदी की रही हो या जीएसटी पर निशाना साधती रही है। बृहन मुंबई कॉरपोरेशन के चुनाव में भाजपा और शिवसेना साथ-साथ नहीं थीं।

उस चुनाव में भाजपा ने शिवसेना को कड़ी टक्कर दी थी। नगर निगम की सत्ता पर काबिज होने के लिए शिवसेना को भाजपा का सहयोग लेना पड़ा था। बावजूद बीच-बीच में शिवसेना भाजपा पर हमलावर रही, लेकिन भाजपा ने जवाब तीखे अंदाज में कभी नहीं दिया।

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