जेल में बंद भाइयों के लिए बहनों को 1 अगस्त को ही पहुंचानी होगी राखी, नया दिशा-निर्देश जारी

लखनऊ: जेल मुख्यालय ने प्रदेश की सभी जेलों में रक्षाबंधन मनाए जाने के संबंध में नया दिशा-निर्देश जारी किया है। इसके तहत बंदियों के परिवारीजन पहली अगस्त को ही जेल में जाकर रक्षाबंधन दे सकेंगे। ये रक्षाबंधन सैनिटाइजेशन के बाद तीन अगस्त को बंदियों को दिए जाएंगे।

अपर महानिरीक्षक (मुख्यालय) डॉ. शरद ने सभी वरिष्ठ अधीक्षकों व अधीक्षकों को इस संबंध में पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि कोरोना को देखते हुए जेलों के बाहर एक काउंटर स्थापित किया जाए। इस काउंटर पर कोविड हेल्प डेस्क संबंधी शासनादेश के अनुसार ड्यूटी लगाई जाए तथा उनके बचाव के लिए लिक्विड सेनेटाइजर, मास्क, फेसकवर, ग्लब्स, हैंड सेनेटाइजर, साबुन तथा लिफाफा आदि की व्यवस्था की जाए।

आने वाले आगंतुकों व बंदियों के परिवारीजनों के सामान की जांच की जाए। रक्षाबंधन के पर्व में राखी, चंदन व चावल आदि को स्वीकार किया जाए एवं उसको एक लिफाफे पर बंदी का नाम एवं सामग्री देने वाले परिवारीजन का नाम व पता अंकित कराया जाए। खाद्य सामग्री व मिठाई आदि को किसी भी रूप में स्वीकार न किया जाए। पत्र में कहा गया है कि मुलाकात व्यवस्था पूर्णरूप से प्रतिबंधित रहेगी।

प्राप्त सामग्री को पूर्णतया सैनिटाइज करने के बाद ही बंदी को उपलब्ध कराया जाए। यह पूरी प्रक्रिया पहली अगस्त को सायंकाल 4 बजे तक पूरी की जाएगी। तीन अगस्त को रक्षाबंधन के दिन इसे बंदियों में वितरित किया जाएगा। महीने के पहले रविवार को दिया जाने वाला विशेष भोजन रक्षाबंधन के दिन दिया जाए।

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