टीम इंडिया का इंग्लैंड दौरा : बॉलर हिट, बैट्समैन फेल

भारत सिंह

टीम इंडिया जब इंग्लैंड दौरे पर जा रही थी, तो क्रिकेट लीजेंड सचिन तेंदुलकर ने कहा था कि इस टीम का बालिंग अटैक भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे बेहतरीन है। सचिन की यह बात पूरी तरह सच साबित भी हुई, जबकि पेस अटैक के लिए ख्यात भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह पूरी तरह फिट नहीं थे। बुमराह, तो तीसरे टेस्ट से टीम के साथ जुड़ गये, लेकिन भुवनेश एक भी टेस्ट नहीं खेल सके। बावजूद इसके अनुभवी तेज गेंदबाज इशांत शर्मा की अगुवाई में भारतीय आक्रमण ने इंग्लैंड के पांव टेस्ट दर टेस्ट उखाड़ते रहे, लेकिन कप्तान विराट कोहली और चंद अवसरों को छोड़ टॉप क्रम के बल्लेबाजों का फ्लॉप शो पांचों टेस्ट मैच तक जारी रहा। नतीजतन भारतीय टीम को क्रिकेट की जननी इंग्लैंड की धरती से टेस्ट मैच में 4-1 की शर्मनाक पराजय के साथ सिर झुकाकर लौटना पड़ा।

पहला टेस्ट मैच बिरमिंघम में 1 अगस्त से शुरू हुआ। पेसर इशांत शर्मा, उमेश यादव, मोहम्मद शमी, हार्दिक और स्पिनर अश्विन ने इंग्लैंड को पहली इनिंग में 287, तो दूसरी इनिंग में 18० रनों पर ढेर कर दिया। इस मैच में इशांत ने 6, उमेश ने 3, शमी ने 3 और अश्विन ने 7 विकेट निकाले। भारत ने जवाब में दोनों पारियों में 274 और 162 रन बनाये। एक वक्त जीत का हकदार दिख रहा भारत 31 रन से मैच हार गया। हारते भी क्यों ना, क्योंकि कोहली को छोड़ कोई भी बल्लेबाज अद्र्धशतक तक नहीं बना सका। यह तो कोहली का काबिलेतारीफ खेल था कि उन्होंने 149 और 51 रन की पारियां न खेली होतीं, तो भारत की और शर्मनाक हार होती। बाकी के 1० बल्लेबाजों की पारियां देखें, तो शिखर धवन का पहली पारी में हाइएस्ट स्कोर 26 रन, तो दूसरी पारी में हार्दिक के 31 रन थे।
दूसरा टेस्ट मैच क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉड्र्स में 9 अगस्त से शुरू हुआ। उम्मीद की जा रही थी कि भारत पलटवार करेगा, लेकिन इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने इस मैच में भारतीय गेंदबाजों को ज्यादा भाव नहीं दिया। हालांकि भारतीय आक्रमण ने इंग्लैंड के टॉप ऑर्डर को झकझोर दिया था, लेकिन बाद के बल्लेबाजों पर वह अंकुश नहीं लगा सका। लिहाजा भारत इंग्लैंड की पहली पारी के 7 विकेट पर 396 रनों के नीचे ऐसा दबा कि वह यह मैच एक पारी और 159 रन से हार गया। भारत ने दोनों पारियों में महज 1०7 और 13० रन बनाये। इस मैच की दोनों पारियों में कप्तान कोहली नहीं चले। बैट्समैन के प्रदर्शन को इसी से समझा जा सकता है कि दोनों पारियों में सबसे ज्यादा स्कोर 33 और 29 रन अश्विन ने बनाये थे। ओपनर मुरली विजय, लोकेश राहुल और पुजारा ने दोनों पारियों में क्रमश: शून्य, 8-1०, 1-17 रन बनाये थे। कोहली का इस मैच में कंट्रीब्यूशन 23 और 17 रन था।
तीसरा टेस्ट मैच ट्रेंट ब्रिज, नाटिंघम में 18 अगस्त से शुरू हुआ। इस मैच में उतरने से पहले चाइनामैन कुलदीप यादव को बाहर का रास्ता दिखाने के साथ ही मुरली विजय को भी किनारे कर दिया गया। टीम ने पहले बैटिंग की और दोनों हार को भुलाकर दृढ़ता के साथ पहली पारी 329 रन बनाये। जवाब में इंग्लैंड भारतीय आक्रमण के सामने पहली पारी में 161 रन ही बना सका। इंग्लैंड को पहली पारी में पांडया ने तबाह किया 5 विकेट लेकर। बाकी के पांच विकेट इशांत (2), बुमराह (2) और शमी (1) ने बांट लिये। दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने फिर से जोरदार प्रदर्शन किया और 7 विकेट पर 352 रन बनाकर इंग्लैंड के बल्लेबाजों को विकेट पर उतार दिया। दूसरी पारी में इंग्लैंड ने 317 जरूर बनाये, लेकिन उसे बुमराह (5) ने घुटना टेकने को मजबूर कर दिया। बाकी के पांच विकेट इशांत (2), शमी (1), अश्विन (1) और पांडया (1) ने बांट लिये। इस तरह भारत ने 2०3 रनों से तीसरा टेस्ट मैच जीत अपनी झोली में डाला। इस मैच में कोहली ने 97 और 1०3 रन की पारियां खेली थीं। उन्हें अच्छा सहयोग रहाणे (81-पहली इनिंग), पुजारा (72-दूसरी इनिंग) और पांडया (52-दूसरी इनिंग) के रूप में मिला। इस मैच में बैटिंग, बालिंग और क्षेत्र रक्षण में भारत लाजवाब रहा।
चौथा टेस्ट मैच 3० अगस्त से रोज बॉउल, साउथम्पटन में हुआ। इस मैच में भारतीय गेंदबाजों ने पहली पारी में बुमराह (3), तो दूसरी पारी में शमी (4) की अगुवाई में इंग्लैंड को 246 और 271 पर आल आउट किया, लेकिन दोनों पारियों में कोहली 46-58, पुजारा 132-5 और रहाणे 11-51 ही हौसला दिखा सके। चेतेश्वर पुजारा के शतक के बूते पहली पारी में 273 रन बनाने वाले भारत ने दूसरी पारी में 184 रन पर घुटने टेके, तो भारत यह मैच भी 6० रन से हार गया। भारतीय पेसरों की कमाई एक बार फिर बैट्समैन ने गंवा दी।
पांचवां टेस्ट मैच…7 सितम्बर से केनिंगटन स्थित ओवल स्टेडियम में शुरू हुआ। लगातार बेहतरीन गेंदबाजी करते आ रहे गेंदबाजों का हौसला पहली पारी तक तो ठीक था, लेकिन दूसरी पारी में जवाब दे गया। इंग्लैंड के पहली पारी के 332 के मुकाबले दूसरी पारी में 8 विकेट पर बना 423 रन यह दर्शाता है। पांच टेस्ट में यह पहला अवसर था जब स्कोर 4०० रन के पार गया। इसी के साथ यह भी स्पष्ट हो जाता है कि जब मेहनत जाया हो जाती है, तो किसी के भी कंधे लटक जाते हैं। हालांकि भारत ने पहली पारी के 292 के मुकाबले दूसरी पारी में 345 रन बनाये, लेकिन यह राहुल के 149 और पंत के 114 रन से ही संभव हो सका। बाकी बैट्समैन का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इस तरह गेंदबाजों के मुकाबले भारतीय बैट्समैन अपनी शोहरत के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके। परिणाम स्वरूप उसे 4-1 से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी।

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