तीन मूर्ति मार्ग का नाम क्यों हुआ तीन मूर्ति हाइफा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छह दिन के भारत दौरे पर रविवार दोपहर दिल्ली पहुंचते ही इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को एक बड़ा तोहफा दिया। एयरपोर्ट पर नेतन्याहू का गले लगकर स्वागत करने वाले मोदी ने दोनों देशों के संबंधों को एक नई मजूबती देने के लिए दिल्ली के तीन मूर्ति स्मारक में इजरायल के ऐतिहासिक शहर हाइफा का नाम जोड़ दिया। अब इस चौक का नाम ‘तीन मूर्ति हाइफा’ हो गया है। बेंजामिन नेतन्याहू, उनकी पत्नी और पीएम मोदी ने तीन मूर्ति हाइफा चौके पर शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी।
प्रथम विश्व युद्ध के दौरान (1914-1918) भारतीय सैनिकों ने अप्रतिम साहस का परिचय देते हुए इजरायल के हाइफा शहर को आजाद कराया था। भारतीय सैनिकों की टुकड़ी ने तुर्क साम्राज्य और जर्मनी के सैनिकों से मुकाबला किया था। माना जाता है कि इजरायल की आजादी का रास्ता हाइफा की लड़ाई से ही खुला था, जब भारतीय सैनिकों ने सिर्फ भाले, तलवारों और घोड़ों के सहारे ही जर्मनी-तुर्की की मशीनगन से लैस सेना को धूल चटा दी थी। इस युद्ध में भारत के 44 सैनिक शहीद हुए थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे के बाद तीन मूर्ति चौक का नाम बदलने की अटकलें तेज हो गई थीं। भारत के तीन राज्यों (जोधपुर, हैदराबाद और मैसूर) से इजरायल में भेजे गए सैनिकों के नाम पर तीन मूर्ति चौक का नाम रखा गया था। अब तीन मूर्ति मार्ग का नाम बदलकर तीन मूर्ति हाइफा मार्ग किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर भी नेतन्याहू के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘मेरे दोस्त नेतन्याहू, भारत में आपका स्वागत है। आपकी भारत यात्रा ऐतिहासिक और खास है। यह दोनों देशों की दोस्ती को और मजबूत करेगी।’ पीएम मोदी के ट्वीट को बेंजामिन नेतन्याहू के आधिकारिक ट्विटर हैडंल से रीट्वीट किया गया।

 

इससे पहले पीएम मोदी ने इजरायल की अपनी ऐतिहासिक यात्रा के अंतिम दिन हाइफा शहर में भारतीय शहीदों को श्रद्धांजलि दी थी। उसके बाद से ही तीन मूर्ति का नाम बदलकर तीन मूर्ति हाइफा करने की बात चल रही थी, लेकिन उसका औपचारिक ऐलान नहीं हुआ था।
इजरायल: जानिए, हाइफा में किन शहीदों को पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

पीएम मोदी ने इजरायल की अपनी ऐतिहासिक यात्रा के अंतिम दिन हाइफा शहर में भारतीय शहीदों को श्रद्धांजलि दी। एकबारगी आपने भी सोचा होगा कि इजरायल में भारतीय शहीदों का यह कैसा स्मारक? आपको बता दें कि भारतीय सैनिकों की शौर्य गाथाएं इजरायल के कोने-कोने में फैली हैं।
भारतीय सैनिकों की ऐसी ही शौर्य गाथाओं का एक प्रतीक हाइफा है। आगे की स्लाइड्स में हम आपको बताएंगे कि क्यों हाइफा ही नहीं बल्कि पूरा इजरायल न केवल भारतीय सैनिकों के शौर्य को नमन करता है बल्कि उसे थाती की तरह संजो कर भी रखता है…
पीएम मोदी ने इजरायल की अपनी ऐतिहासिक यात्रा के अंतिम दिन हाइफा शहर में भारतीय शहीदों को श्रद्धांजलि दी। एकबारगी आपने भी सोचा होगा कि इजरायल में भारतीय शहीदों का यह कैसा स्मारक? आपको बता दें कि भारतीय सैनिकों की शौर्य गाथाएं इजरायल के कोने-कोने में फैली हैं।

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