कोरोना त्रासदी के दौरान 44 वर्षीय यह महिला 22वीं बार बनीं मां, बड़े बेटे की उम्र है 30 साल

लखनऊ: एक तरफ दुनिया भर में कोरोना वायरस का कहर फैला हुआ है, लोग लगातार इससे संक्रमित हो रहे हैं और कई लोग इसे अपनी जान भी गवांते जा रहे हैं। फिलहाल दुनिया भर के वैज्ञानिक इसकी वैक्सिन खोजने में लगे हैं मगर अभी तक सफलता किसी को भी नहीं मिल पाई है। यह संकट विश्व के सभी देशों पर अभी भी मंडरा रहा है लेकिन इसी कोरोना संकट के दौरान ब्रिटेन से बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आई है

जहां पर एक 44 वर्षीय महिला सू रैडफोर्ड ने अपने 22वें बच्चे को जन्म दिया है। जी हां सू के अनुसार पिछले वर्ष उन्होंने 21वें बच्चे को जन्म दिया था और तब उन्होंने कहा था कि उनका आखिरी बच्चा होगा। फिलहाल उनके 22वें बच्चे का जन्म हो चुका है और सू रैडफोर्ड के 48 वर्षीय पति नावेल रैडफोर्ड ने अपनी इस बच्ची की तस्वीर को इंस्टाग्राम पर शेयर भी किया है।

हालांकि कोरोना वायरस के बीच जन्मे इस बच्चे और उसकी मां दोनों ही पूरी तरह से स्वस्थ हैं और किसी भी तरह से संक्रमित नहीं है। बताते चलें कि ब्रिटेन के कानून के अनुसार बच्चे के जन्म के 42 दिन के भीतर माता-पिता को अपने बच्चे का पंजीकरण कराना भी अनिवार्य होता है। चूँकि कोरोना वायरस की वजह से पंजीकरण प्रक्रिया रद्द है इसलिए फिलहाल यह प्रक्रिया कुछ समय बाद की जाएगी।

जानकारी के लिए बताते चलें कि इस परिवार का पूरा गुजारा बेकरी के व्यापार से होता है। आपको यह भी बता दें कि जब इस परिवार में 9वें बच्चे ने जन्म लिया था उसके बाद ही नावेल ने नसबंदी करवा ली थी। मगर उन्हें और बच्चों की चाहत थी, जिसके बाद उन्होंने दोबारा से सर्जरी कराई। इनके सबसे बड़े बेटे का नाम क्रिस है जो 30 वर्ष का है वहीं क्रिस की बहन सोफिया की उम्र 25 साल है जो फिलहाल खुद 3 बच्चों की मां बन चुकी हैं।

इसके अलावा परिवार के बच्चों में कोहले (23 वर्ष), जैक (23 वर्ष) डेनियल (20 वर्ष), ल्यूक (18 वर्ष), मिली (17 वर्ष), कैटी (16 वर्ष), जेम्स (15 वर्ष), एली (14 वर्ष), एमी (13 वर्ष), जॉश (12 वर्ष), मैक्स (11 वर्ष), टिली (9 वर्ष), ऑस्कर (7 वर्ष), कैस्पर (6 वर्ष), हैली (4 वर्ष), फोबी (3), आर्ची (18 महीने) और बोनी (8 महीने) शामिल हैं।

बताते चलें कि इस दंपति की 17वीं संतान की किसी वजह से मृत्यु हो चुकी है और फिलहाल क्रिस और सोफिया भी अपने-अपने घरों में शिफ्ट हो चुके हैं। साल 2004 के पहले तक यह परिवार लगभग 15 हजार के किराए के घर में रहता था। इनका एक बेकरी का व्यापार है और चूँकि घर में इतने सारे लोग बढ़ चुके हैं, जिसकी वजह से अब यह परिवार 10 बेडरूम वाले घर में रहता है। आपको यह जानकर भी हैरानी होगी कि प्रति महीने इनके खाने पर 32 हजार से भी ज्यादा खर्च होते हैं और तो और प्रतिदिन 18 किलो कपड़े धो ले जाते हैं।

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